नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन के खिलाफ है, हालांकि, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में गठबंधन तय हैं. गांधी ने एक सवाल के जवाब में मीडियाकर्मियों से कहा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और झारखंड में हमारा गठबंधन तय है . दिल्ली में हमारी पार्टी गठबंधन के खिलाफ है और इसको लेकर सर्वसम्मति है. बाकी जगहों पर कुल मिलाकर गठबंधन की बात पटरी पर है.

कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान से कुछ दिन पहले ही दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक में यह फैसला हुआ कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा. महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन लगभग तय है तो तमिलनाडु में द्रमुक और झारखंड में झामुमो के साथ उसका गठबंधन पक्का हो चुका है.

दो दिन पहले केजरीवाल ने दावा किया था- कांग्रेस का बीजेपी के साथ गुप्त समझौता
बता दें कि दो दिन पहले मंगलवार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि ऐसी अफवाहें हैं कि कांग्रेस का बीजेपी के साथ गुप्त समझौता है और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) इस नापाक गठबंधन से लड़ने को तैयार है. केजरीवाल ने ये टिप्पणियां कांग्रेस की इस घोषणा के जवाब में की थीं कि वह (कांग्रेस) आगामी लोकसभा चुनावों में दिल्ली में आप के साथ गठबंधन नहीं करेगी. केजरीवाल ने ट्वीट किया था, ऐसे समय जब पूरा देश मोदी-शाह को हराना चाहता है, कांग्रेस, भाजपा विरोधी वोटों को बांटकर भाजपा की मदद कर रही है. ऐसी अफवाहें हैं कि कांग्रेस का भाजपा के साथ गुप्त समझौता है.

शीला ने कहा था- लोकसभा चुनावों के लिए आप के साथ गठबंधन नहीं करेगी
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के बाद मंगलवार को घोषणा की थी कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए आप के साथ गठबंधन नहीं करेगी.

केजरीवाल बौखलाहट में, उनकी झूठ की राजनीति का अंत हो जाएगा
आम आदमी पार्टी की ओर से कांग्रेस पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाए जाने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस दिल्ली इकाई ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल पर बौखलाहट का आरोप लगाया और दावा किया कि आगामी चुनाव में उनकी झूठ की राजनीति का अंत हो जाएगा. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ ने यह भी सवाल किया कि अगर कांग्रेस, भाजपा के साथ मिली हुई तो फिर केजरीवाल, कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए इतने परेशान क्यों थे?

केजरीवाल हमारे साथ आने के लिए क्यों परेशान थे?
यूसुफ ने कहा, अगर भाजपा के साथ हमारी मिलीभगत है तो केजरीवाल हमारे साथ आने के लिए क्यों परेशान थे? दरअसल, केजरीवाल की बौखलाहट का मुख्य कारण है कि चार साल पहले जो वादा पूरा करके सत्ता में आए थे, उनको पूरा करने में विफल रहे. आप देखेंगे कि आने वाले चुनाव में केजरीवाल की झूठ की राजनीति का अंत हो जाएगा.

केजरीवाल अपने हर वादे से पलटी मार चुके हैं
कांग्रेस नेता यूसुफ ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने पूर्व की शीला दीक्षित सरकार की ओर से शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया जिससे दिल्ली के आम लोगों को बहुत नुकसान हुआ है. केजरीवाल अपने हर वादे से पलटी मार चुके हैं. जिस जनलोकपाल के नाम पर सत्ता में आए थे, उसी को भूल गए. वह रोजाना गोलपोस्ट बदलते हैं. इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वादे को पूरा नहीं कर पाए तो लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश कर रहे हैं. जनता अब दोनों की हकीकत जान चुकी है.

केजरीवाल को इस समय ऑक्सीजन दिया तो कांग्रेस को भारी नुकसान संभव
आप के साथ गठबंधन नहीं करने के फैसले पर यूसुफ ने कहा, हमारी पार्टी में सबकी राय ली जाती है और बहुमत से फैसला होता है. आखिर में जो फैसला हुआ वो सर्वसम्मति से हुआ. ज्यादातर लोगों की यह राय थी कि अगर केजरीवाल को इस समय ऑक्सीजन दिया जाता है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली में कांग्रेस को बहुत भारी नुकसान हो सकता है.

 राहुल गांधी ने आप के साथ गठबंधन नहीं करने पर सहमति जताई
पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस दिल्ली प्रभारी पीसी चाको और डीपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध किया. अधिकतर नेताओं की राय के मद्देनजर राहुल गांधी ने आप के साथ गठबंधन नहीं करने पर सहमति जताई.

गोपाल राय बोले- सैद्धांतिक तौर पर हम कई मुद्दों पर कांग्रेस के खिलाफ
पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा था कि वे (कांग्रेस) भाजपा की चुनाव जीतने में मदद करना चाहते हैं और आप को हराना चाहते हैं. ऐसा लगता है कि केन्द्रीय नेतृत्व पर देश में भाजपा की मदद करने का दबाव है. वे सेना को आगे रखकर चुनाव जीतना चाहते हैं. यह पूछे जाने पर कि आप क्यों कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है, राय ने कहा था ‘महागठबंधन के सभी घटक दलों के नेता चाहते हैं कि विपक्षी पार्टियों के मत नहीं बंटने चाहिए’ उन्होंने कहा कि ‘सैद्धांतिक तौर पर हम कई मुद्दों पर कांग्रेस के खिलाफ हैं….लेकिन हम देश के लिए यह जहर (कांग्रेस के साथ गठबंधन) पीना चाहते थे.’ राय ने घोषणा की कि आप दिल्ली को पूर्ण राज्य के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी और उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटें जीतेगी.