मुंबईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पिछले महीने सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से भड़काउ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कफील खान ने गुरुवार को यहां एक अदालत में आशंका जताई कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ‘‘मुठभेड़’’ में उन्हें मारा जा सकता है. उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ट्रांजिट हिरासत के लिये जब कफील खान को उपनगरीय बांद्रा की अदालत में पेश किया गया तो उन्होंने यह आशंका व्यक्त की.

बाल रोग विशेषज्ञ को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल और मुंबई पुलिस ने बुधवार को संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया था. डॉ. कफील मुंबई में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ आयोजित होने वाले एक प्रदर्शन में शामिल होने आए थे.खान के वकील ने कहा कि उन्हें अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया.

उनके वकील के मुताबिक, खान ने अदालत में दावा किया कि उप्र पुलिस ने उन्हें मामले में ‘‘गलत तरीके से’’ फंसाया है. वकील के मुताबिक, खान ने अदालत को बताया, ‘‘इस बात की आशंका है कि उन्हें अगर ट्रांजिट (रिमांड) पर भेजा जाता है तो मुठभेड़ में उनकी हत्या कर दी जाएगी’’ और जोर दिया कि उन्हें मुंबई में रखा जाए.

फर्रुखाबाद बंधक संकट खत्म: पुलिस कार्रवाई में मारा गया आरोपी, सभी बच्चे सुरक्षित

अदालत के बाहर खान के वकील ने संवाददाताओं को बताया कि खान को मुठभेड़ का डर है ‘‘क्योंकि उनके पास पूरी जानकारी है कि बच्चों की मौत (उत्तर प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज में) का जिम्मेदार कौन है.’’ उत्तर प्रदेश पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया कि खान को सुरक्षित तरीके से ले जाया जाएगा और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

उप्र पुलिस को तीन दिन के अंदर खान को अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करना होगा. मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उप्र एसटीएफ के अधिकारियों ने सिविल लाइंस पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए के तहत दर्ज मामले में डॉ. कफील खान को गिरफ्तार किया है. हमारे पुलिस दल ने उप्र पुलिस के अनुरोध पर उनकी मदद की.’’

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि गोरखपुर के रहने वाले डॉक्टर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की. डॉक्टर कफील इससे पहले 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक हफ्ते से भी कम समय में 60 बच्चों की मौत के बाद हुए विवाद के सिलसिले में गिरफ्तार किये गए थे.