
Akarsh Shukla
मैं, आकर्ष शुक्ला, पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं और वर्तमान में India.com Hindi (ZEE Media) में शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी निभाते हुए नेशनल टीम का नेतृत्व ... और पढ़ें
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कंपनी के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी से बात करते हुए बताया कि कंपनी के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप की ओर से 2,237 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है. इस निवेश से प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 3.99% से बढ़कर 18.39% हो जाएगी, जिससे शेयरधारकों का भरोसा और मजबूत होगा.
डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि प्रमोटर ग्रुप 16.95 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट के जरिए 22,37,44,48,800 रुपये का निवेश करेगा. इस निवेश के बाद कंपनी में प्रमोटरों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 18.39 फीसदी हो जाएगी. यह निवेश 132 रुपये प्रति वारंट के भाव पर होगा, जो सेबी के रेगुलेटरी प्राइस 128.58 रुपये से ज्यादा है. यह कदम कंपनी में प्रमोटर्स के भरोसे को दर्शाता है और इससे ZEEL को कंटेंट, टेक्नोलॉजी और बैलेंस शीट मजबूत करने में मदद मिलेगी.
डॉ. सुभाष चंद्रा ने आगे कहा कि यह निवेश शेयरहोल्डर्स के लिए दो तरह से फायदेमंद होगा. पहला, प्रमोटरों की बढ़ी हिस्सेदारी से निवेशकों का भरोसा बहाल होगा, जो 4 फीसदी की कम हिस्सेदारी से असहज थे. दूसरा, इस पैसे से कंपनी के कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेक्टर की ग्रोथ में तेजी आएगी, जिससे ZEEL रिलायंस और डिज्नी जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला कर सकेगी.
डॉ. चंद्रा ने 2019 के मुश्किल दौर को याद किया, जब वे वित्तीय बाजारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाए थे. ZEEL के चेयरमैन ने उस समय का भी जिक्र किया जब उन्होंने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का चुकाने के लिए ZEE में 44 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी और इस प्रोसेस में, ZEE में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 4 प्रतिशत रह गई थी. उन्होंने माना कि इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में गलत लोगों को जिम्मेदारी देना उनकी सबसे बड़ी गलती थी. कर्ज चुकाने के बाद अब प्रमोटर ग्रुप वसूली गई रकम को वापस ZEEL में लगा रहा है. डॉ. चंद्रा ने कहा कि यह निवेश कंपनी और शेयरहोल्डर्स के प्रति उनकी अटूट समर्पण का सबूत है. राज्य सरकारों से कुछ बकाया और इंफ्रास्ट्रक्चर का पैसा भी जल्द मिलने की उम्मीद है.
यह निवेश ZEEL को कंटेंट और टेक्नोलॉजी पावरहाउस बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. कंपनी ने हाल ही में माइक्रो-ड्रामा ऐप ‘बुलेट’ में निवेश किया है और तीन नई सब्सिडियरी बनाई हैं. जेपी मॉर्गन की सलाह पर बनी यह रणनीति कंपनी को डिजिटल और ग्लोबल मार्केट में मजबूत बनाएगी. ZEEL का यह कदम सोनी के साथ असफल विलय के बाद आया है, जिसने कंपनी को 10 अरब डॉलर की मीडिया कंपनी बनने से रोक दिया था, फिर भी, 2025 में ZEEL का मुनाफा 679.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से कई गुना ज्यादा है.
यह निवेश ZEEL को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. शेयरधारकों की चिंताएं और जवाब कुछ प्रॉक्सी सलाहकार फर्मों ने इस निवेश पर सवाल उठाए, लेकिन डॉ. चंद्रा ने आश्वासन दिया कि यह कंपनी के दीर्घकालिक हित में है. 10 जुलाई, 2025 को होने वाली ईजीएम में शेयरधारकों की मंजूरी से इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. ZEEL का भविष्य अब पहले से कहीं अधिक उज्ज्वल दिखाई दे रहा है.
इस घोषणा के बाद ZEEL के शेयरों में उछाल देखने को मिला. गुरुवार को शेयर 2 फीसदी की तेजी के साथ 144 रुपये पर कारोबार कर रहा था. पिछले एक महीने में शेयर में 10 फीसदी और छह महीने में 14 फीसदी की तेजी आई है. इस निवेश से कंपनी की वैल्यूएशन और बाजार स्थिति और मजबूत होगी.
(Disclaimer: India.com और Zee Media दोनों Zee Group का ही हिस्सा हैं. किसी भी निवेश से पहले अपने एडवाइजर से सलाह लें)
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