DRDO ने नई पीढ़ी की Akash मिसाइल का सफल टेस्ट किया, दुश्मन के दांत खट्टे करेगी Akash-NG मिसाइल

डीआरडीओ ने नई पीढ़ी की आकाश-एनजी मिसाइल का आज सफल परीक्षण किया. इस टेस्ट में मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया.

Published date india.com Updated: January 12, 2024 2:44 PM IST
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भारत के रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) ने आकाश मिसाइल की नई जेनरशन का आज यानी शुक्रवार 12 जनवरी को सफल परीक्षण किया. इस टेस्ट को ओडिशा तट पर मौजूद इंटीग्रेटिड टेस्ट रेंज चांदीपुर से अंजाम दिया गया. नई पीढ़ी की आकाश-एनजी मिसाइल का यह टेस्ट सफल रहा. मिसाइल में लो ऑल्टीट्यूड में बड़ी ही तेज गति से जा रहे अपने टार्गेट पर अचूक निशाना लगाया.

DRDO ने बताया कि इस टेस्ट के दौरान नई पीढ़ी की इस आकाश-एनजी मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया. इस तरह से आकाश मिसाइल ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की. भारत लगातार रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है. भारतीय सेनाओं के पास DRDO द्वारा बनाई कई कई मिसाइलें हैं, जिनका वह युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल कर सकती हैं.

देखें टेस्ट का वीडियो

बता दें कि Akash-NG जमीन से हवा में मार करना वाली अत्याधुनिक मिसाइल है. इस मिसाइल में डुअल पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर लगी है, जो इस मिसाइल की गति को बढ़ाती है. इस मिसाइल की रेंज 40 से 80 किमी तक है. मिसाइल में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे मल्टी फंक्शन राडार लगा हुआ है जो एक साथ दुश्मन की कई मिसाइलों या विमानों को स्कैन करने के लिए बना है.

आकाश-एनजी मिसाइल को मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जाता है. इस मिसाइल का कुल वजन 720 किलोग्राम, लंबाई 19 फीट और व्यास 1.16 फीट है. मिसाइल अपने साथ 60 किलो वजन का हथियार लेकर जाने में सक्षम है. मिसाइल की खासियत है कि यह 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर दुश्मन के विमानों और मिसाइल तक को नेस्तनाबूत कर सकती है.

दुश्मन को जबरदस्त शॉक देगी ये मिसाइल

आकाश-एनजी मिसाइल को जो बात सबसे ज्यादा घातक बनाती है, वह इसकी रफ्तार है. क्योंकि 3087 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मन पर टूट पड़ने वाली यह मिसाइल इसे संभलने तक का मौका नहीं देगी. इस तरह से देखें तो यह मिसाइल हर एक सेकेंड में एक किमी की दूरी तय कर लेगी. यह तो आप जानते ही हैं कि आकाश मिसाइल के पुराने वैरिएंट्स को भारतीय सेनाएं साल 2009 से ही इस्तेमाल कर रही हैं.

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इस मिसाइल को टी-72 या बीएमपी चेसिस या हैवी मोबिलिटी ट्रक्स पर बनाए गए मोबाइल लॉन्च सिस्टम से दागा जा सकता है. आकाश मिसाइल को लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC पर भी तैयान किया गया है, जहां पर चीन लगातार आक्रामक है और गाहे-बगाहे घुसपैठ की कोशिश करता रहता है. इसके अलावा भारतीय वायुसेना ने भी अपने तेजपुर, जोरहाट, जलपाईगुड़ी, ग्वालियर और पुणे बेस पर भी आकाश मिसाइलों को तैनात किया हुआ है.

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