120 KM दूर से ही ढेर होंगे दुश्मन, DRDO ने पिनाका रॉकेट का किया टेस्ट, जानें खासियत

ओडिशा के चांदीपुर में DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया. 120 किमी रेंज वाला रॉकेट भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगा. आइए जानते हैं इसके फीचर्स के बारे में -

Published date india.com Published: December 29, 2025 11:08 PM IST
120 KM दूर से ही ढेर होंगे दुश्मन, DRDO ने पिनाका रॉकेट का किया टेस्ट, जानें खासियत

ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में सोमवार का दिन भारत की रक्षा क्षमता के लिए अहम रहा. दरअसल, यहां पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया. इस रॉकेट का परीक्षण इसकी पूरी 120 किलोमीटर की अधिकतम रेंज के लिए किया गया, जिसमें इसने तय लक्ष्य पर बिल्कुल सटीक निशाना साधा. परीक्षण के दौरान, रेंज पर तैनात सभी आधुनिक ट्रैकिंग और निगरानी उपकरणों ने रॉकेट की पूरी उड़ान पर नजर रखी और इसके प्रदर्शन को पूरी तरह संतोषजनक पाया गया.

DRDO की टीमवर्क से मिली बड़ी सफलता

बता दें इस अत्याधुनिक रॉकेट को डीआरडीओ की आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE) ने डिजाइन किया है. जिसमें हाई एनर्जी मटेरियल रिसर्च लैबोरेटरी, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) और इमारत अनुसंधान केंद्र का भी सहयोग रहा. परीक्षण उड़ान का समन्वय इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट ने किया. खास बात यह रही कि LRGR को पहले से सेवा में मौजूद पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया. जिससे यह साबित हो गया कि एक ही लॉन्चर से पिनाका के अलग-अलग वेरिएंट्स को आसानी से लॉन्च किया जा सकता है.

पिनाका LRGR के खास फीचर्स क्या हैं?

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट सिस्टम भारत की स्वदेशी ताकत का शानदार उदाहरण है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है – 120 किलोमीटर तक की लंबी मारक क्षमता. यह गाइडेड रॉकेट है – यानी यह लक्ष्य तक पहुंचने के दौरान दिशा सुधार सकता है, जिससे सटीकता कई गुना बढ़ जाती है. इसमें एडवांस नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम लगा है, जो दुश्मन के ठिकानों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाने में मदद करता है. यह रॉकेट सभी मौसम में काम करने में सक्षम है और एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता भी रखता है.

रक्षा मंत्री और DRDO प्रमुख ने बधाई दी

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेटों का सफल विकास भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत को और मजबूत करेगा और यह रक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है. वहीं डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी परीक्षण का अवलोकन किया और मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी टीम को बधाई दी.

पहले भी सफल रहे हैं पिनाका के परीक्षण

गौरतलब है कि पिछले साल भी डीआरडीओ ने निर्देशित पिनाका हथियार प्रणाली के तहत कई उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किए थे. ये परीक्षण तीन चरणों में अलग-अलग फायरिंग रेंज पर किए गए थे. इन परीक्षणों के दौरान रॉकेट की मारक क्षमता, सटीकता, स्थिरता और एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता का गहराई से मूल्यांकन किया गया. अलग-अलग उत्पादन एजेंसियों द्वारा उन्नत किए गए दो पिनाका लॉन्चरों से कुल 12 रॉकेट दागे गए थे. अब LRGR के सफल परीक्षण से यह साफ हो गया है कि भारत तेजी से आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की ओर बढ़ रहा है.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.