नई दिल्ली। ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा तैयार वैचारिक विमर्श’ की काट के तौर पर ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रम शुरू करने के बाद कांग्रेस का सेवा दल अगले महीने अपनी ‘युवा ब्रिगेड’ शुरू करने जा रहा है और इसके कार्यकर्ताओं के लिए नीले रंग की जींस और सफेद रंग की टीशर्ट का ड्रेसकोड भी तय किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में सेवा दल में नयी जान फूंकने के मकसद से तैयार ब्लूप्रिंट को मंजूरी प्रदान की जिसमें ‘युवा ब्रिगेड’ शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल था. सेवा दल के मुख्य संगठक लालजी देसाई ने ‘भाषा’ को बताया, अगले महीने हम ‘युवा ब्रिगेड’ की शुरुआत करने जा रहे हैं. इसकी शुरुआत की तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन इतना तय है कि अगले महीने ही इसकी शुरुआत होगी. Also Read - Covid-19: राहुल गांधी ने अमेठी में शुरू कराया सेनिटाइजर और मास्क का वितरण

युवा ब्रिगेड का ड्रेसकोड  Also Read - लोगों के न आने से भूखों मरने की कगार पर जीबी रोड की सेक्स वर्कर, RSS ने पहुंचाया राशन

उन्होंने कहा, युवा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं के लिए हमने नीले रंग की जींस, सफेद रंग की टीशर्ट और कैप ड्रेसकोड के तौर पर तय किया है. कैप का रंग नीले या सफेद में से कोई एक होगा. इस पर अगले कुछ दिनों में फैसला कर लिया जाएगा. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

देसाई ने कहा, आज के समय में युवाओं को देश के इतिहास, महापुरुषों, विचारधारा, राष्ट्रप्रेम, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक व्यवस्था को लेकर भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है. हम अपनी इस युवा ब्रिगेड के जरिए युवाओं को भ्रमित करने के इस प्रयास को विफल करेंगे.

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उन्होंने कहा कि सेवा दल की युवा ब्रिगेड के साथ 16 साल से लेकर 45 साल तक का कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है. देसाई के मुताबिक ‘युवा ब्रिगेड’ के विस्तार के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाएगा.

कांग्रेस का ध्वज वंदन कार्यक्रम

राष्ट्रवाद और कुछ अन्य विषयों पर आरएसएस के विमर्श की काट के तौर पर सेवा दल ने हाल ही में ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रम शुरू किया है. देसाई के मुताबिक महीने के आखिरी रविवार को देश के 300 जिलों/शहरों में ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रम हो रहा है और आने वाले कुछ महीनों में इसका 1000 शहरों/जिलों में विस्तार किया जाएगा. सेवा दल अपने इन ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रमों में ध्वजारोहण के साथ ही गांधी-नेहरू के सिद्धांतों और ‘धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता और बहुलवादी विचारों’ पर आधारित राष्ट्रवाद पर चर्चा करता है.