
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. साल 2026 से दिल्ली की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को मिलने वाले गुलाबी टिकट (Pink Ticket) पूरी तरह से बंद हो जाएगा. और इसकी जगह एक हाई-टेक ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ लेगा.
दिल्ली सरकार की यह पहल परिवहन विभाग को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. वर्तमान में पिंक टिकट सिस्टम के जरिए महिलाओं की यात्रा का हिसाब रखा जाता है, लेकिन इसमें डेटा की सटीकता और कागज की बर्बादी जैसी चुनौतियां बनी रहती हैं. नई व्यवस्था नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) मॉडल पर आधारित होगी. इससे बस यात्रियों को मेट्रो कार्ड की तरह ‘टैप एंड गो’ की सुविधा मिलेगी, जिससे बसों में भीड़ प्रबंधन और टिकटिंग की प्रक्रिया तेज होगी.
परिवहन विभाग केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी यात्रियों के लिए योजना तैयार कर रहा है. विभाग कुल तीन केटेगरी में स्मार्ट कार्ड लॉन्च करेगा,
नए स्मार्ट कार्ड की सबसे महत्वपूर्ण शर्त एलिजिबिलटी को लेकर है. अब तक दिल्ली की बसों में सफर करने वाली हर महिला को मुफ्त टिकट मिलता था, चाहे वह देश के किसी भी हिस्से की रहने वाली हो. लेकिन पिंक सहेली कार्ड के लिए दिल्ली का आधार कार्ड और दिल्ली का स्थानीय पता होना अनिवार्य होगा. सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली के टैक्सपेयर के पैसे का लाभ सीधे दिल्ली के निवासियों को मिलेगा. कार्ड बनवाते समय केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें आधार एक अनिवार्य डॉक्यूमेंट होगा.
अभी तक सरकार के पास अनुमानित आंकड़ा है कि हर महीने करीब 2 करोड़ महिलाएं बसों में सफर करती हैं. स्मार्ट कार्ड आने के बाद सरकार के पास हर एक यात्रा का रीयल-टाइम डेटा होगा. इससे यह पता चल सकेगा कि किस रूट पर महिलाओं की संख्या अधिक है, किस समय बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की जरूरत है और योजना का दुरुपयोग कहां हो रहा है. यह डेटा भविष्य की परिवहन नीतियों को बनाने में भी सरकार की बड़ी मदद करेगा.
सरकार की तैयारियों के मुताबिक, जनवरी 2026 से इन स्मार्ट कार्डों के रजिस्ट्रेशन शुरू होने की संभावना है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के आसपास इस योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च कर सकती है. कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली के सभी बस डिपो, एसडीएम कार्यालय, मेट्रो स्टेशन और विशेष रूप से लगाए गए शिविरों में काउंटर खोले जाएंगे. इसके लागू होते ही पुराना पिंक टिकट सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
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