नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान डीटीसी को 5.12 लाख रुपये जबकि डीएमआरसी को राजस्व का भारी नुकसान हुआ था. दंगों की व्यापक साजिश रचे जाने के मामले में पुलिस द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में यह जानकारी दी गई है.Also Read - दिल्ली: यमुना में पानी का जलस्तर घटा, ‘चेतावनी’ के निशान से अब भी ऊपर

आरोप पत्र में कहा गया है, ‘‘मेट्रो स्टेशन बंद होने और सेवाओं के बाधित होने की वजह से डीएमआरसी को राजस्व का भारी नुकसान हुआ. 25 फरवरी को मौजपुर-शिव विहार के बीच मेट्रो की 174 ‘राउंड ट्रिप’ और दो ‘डाउन ट्रिप’, मौजपुर-वेलकम स्टेशन के बीच आंशिक तौर पर 362 ‘राउन्ड ट्रिप’, शिव विहार-वेलकम के बीच 23 ‘राउंड ट्रिप’ रद्द की गईं थी.’’ Also Read - Sagar Murder Case chargesheet: 170 पेज की चार्जशीट में ओलंपियन सुशील कुमार मुख्‍य आरोपी

इसमें कहा गया है कि पांच दिसम्बर 2019 से 28 फरवरी 2020 के बीच सीएए/ एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन और दंगों के कारण डीटीसी को हुए नुकसान के बारे में जानकारी मांगने के लिए डीटीसी को एक पत्र लिखा गया था. Also Read - Punjab से दिल्‍ली आए अकाली दल के कई पूर्व नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

आरोप पत्र में बताया गया है, ‘‘ रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन के दौरान डीटीसी की पांच बसें क्षतिग्रस्त हुईं, डीटीसी कर्मचारी घायल हुए. बसों को पहुंची क्षति के कारण डीटीसी को 2,65,112.6 रुपये का नुकसान हुआ. बस मार्ग प्रभावित होने के कारण 2,47,883 रुपये का नुकसान हुआ.’’

आरोप पत्र के अनुसार, यमुना विहार और करावल नगर के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से प्राप्त रिपोर्टों में कहा गया है कि बीमा नहीं कराई गई व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने के 688, आवासीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचने के 442 मामले थे और दोनों क्षेत्रों में दंगा पीड़ितों को 12.44 करोड़ रुपये की राहत राशि बांटी गई.

पुलिस ने दंगों की साजिश रचने के लिए 15 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और करीब 200 घायल हुए थे.