कोलकाता: कोरोना वायर और लॉकडाउन का असर पूरी अर्थव्यवस्था में पड़ा है. कोरोनावायरस लॉकडाउन की वजह से हर छोटा और बड़ा व्यापार प्रभावित हुआ है. इस समय ज्यादा व्यवसाय मंदी की मार झेल रहे हैं. अब मंदी और लॉकडाउन का असर शराब के व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है. Also Read - राज्यपाल धनखड़ की ममता सरकार को चेतावनी, 'बंगाल में संविधान की रक्षा नहीं हुई तो कार्रवाई होगी'

दो महीने केलॉकडान के दौरान हर राज्य ने केंद्र सरकार से शराब की दुकानें खोलने की अपील की थी और लगभग 60 दिनों की बंदी के बाद जब दुकानें दोबारा खुली तो एकाएक दुकानों में हुजूम उमड़ पड़ा था लेकिन अब हालात उससे एकदम उल्टे हो चुके हैं. अब कई राज्यों में शराब की बिक्री काफी कम हो चुकी है जिसे लेकर राज्य सरकारे चिंता में हैं. Also Read - NIA के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, पश्चिम बंगाल से अलकायदा का एक और आतंकवादी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल सरकार बिक्री में भारी गिरावट को लेकर शराब पर हाल में लगी 30 प्रतिशत कर में कटौती कर सकती है. उद्योग जगत के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. सूत्रों ने बुधवार को कहा कि बिक्री बढ़ाने के लिये भारत में निर्मित विदेशी शराब पर मूल्य के हिसाब से कर लगाया जा सकता है. Also Read - Durga Puja Guidelines: बंगाल में दुर्गा पूजा के लिए जारी हुए दिशानिर्देश, पूजा समितियों को ममता दीदी की सौगात

राज्य में शराब पर अतिरिक्त कर नौ अप्रैल से प्रभावी हुई हैं. हालांकि इसके बाद राज्य में शराब की बिक्री में गिरावट दर्ज की गयी है. कंफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज समेत शराब उद्योग के कई संगठन राज्य में करों को कम करने की मांग उठा चुके हैं.