श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने के विरोध में अलगाववादियों की ओर से आहूत हड़ताल के कारण मंगलवार को कश्मीर घाटी के उन इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ, जहां मतदान हो रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और गांदरबल के मतदान वाले इलाकों में दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे. उन्होंने कहा कि इन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन सड़कों पर नहीं दिखे, जबकि कुछ निजी कारें, कैब और ऑटो-रिक्शा सड़कों पर नजर आए.

सरकार ने मतदान वाले इलाकों में अवकाश की घोषणा की है. अधिकारियों ने बताया कि घाटी में बाकी जगहों पर जनजीवन सामान्य है. अलगाववादियों- सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक- ने जॉइंट रिजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले मतदान वाले इलाकों के लोगों से अपील की थी कि वे हड़ताल में हिस्सा लें. इस बीच, अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर घाटी में मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार धीमी कर दी है.

इधर, जम्मू एवं कश्मीर के निकाय चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में मंगलवार को शुरुआती छह घंटों में मतदान निराशाजनक रहा है. गांदरबल जिले में 7.91 फीसदी मतदान हुआ, जबकि श्रीनगर में केवल दो फीसदी मतदान हुआ है. श्रीनगर के सौरा इलाके में प्रदर्शनकारियों ने मतदान केंद्रों पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की. श्रीनगर के 24 वार्डो में 2,41,53 मतदाता हैं और गांदरबल के 12 वार्डो में 8,491 मतदाता हैं. लेकिन तड़के हुई बारिश और ठंडी हवाएं चलने की वजह से कुछ ही लोग मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं. आठ, 10 और 13 अक्टूबर को हुए पिछले तीन चरणों के मतदान के दौरान भी मात्र 40 फीसदी मतदान हुआ था. श्रीनगर जिले के एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान हो रहा है.

(इनपुट – एजेंसियां)