नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के छात्र युवा संघर्ष समिति (CYSS) और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) ने गठबंधन किया है. 12 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में AISA अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर और CYSS सचिव और संयुक्त सचिव पर चुनाव लड़ेगी. आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने बुधवार को बताया कि ये गठबंधन बहुत सोच समझकर किया गया है और इससे दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों को अराजक राजनीति से छुटकारा मिलेगा.

गोपाल राय ने कहा कि ABVP कैंपस में छद्म राष्ट्रवाद की बात कर छात्रों को गुमराह करता है लेकिन CYSS छात्रों के बीच सकारात्मक राष्ट्रवाद के जरिए कैंपस में बदलाव लाएगा. राय ने कहा कि इस बार CYSS और AISA के तीन प्रमुख मुद्दे हैं- बदलाव, बेहतर शिक्षा और बेहतर सुविधा.

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया है उसी तरह हम DUSU में भी छात्र हितों के लिए काम करेंगे. राय ने कहा कि हर साल ABVP और NSUI फर्जी वादे छात्रों से करते हैं और एक भी वादा पूरा नहीं करते. इसलिए इस बार CYSS दिल्ली विश्विद्यालय में बदलाव के लिए आगे आया है.

राय ने छात्रों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए गए कामों के बारे में बताते हुए कहा कि हमने दिल्ली में छात्रों के लिए एसी बसों में भी पास को लागू किया है. इसी तरह से DUSU में जीतने पर छात्रों की बेहतरी के लिए पूरे डीयू कैंपस में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

CYSS और AISA के बीच हुए इस गठबंधन के बारे में बताते हुए AISA की छात्र नेता कंवलजीत कौर ने कहा कि दिल्ली विश्विद्यालय छात्रसंघ में कई सालों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) जीतती रही है लेकिन अगर आप DUSU के पूरे कार्यकाल को देखेंगे तो छात्रों के लिए एक भी काम नहीं किया गया है.

बता दें कि CYSS ने 2015 में DUSU का चुनाव लड़ा था लेकिन उसे चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि उस वक्त भी CYSS को काफी अच्छे वोट मिले थे. लेकिन उसके बाद दो साल तक CYSS ने DUSU चुनाव से यह कहकर दूरी बना ली कि कैंपस में मसल और मनी पावर का वो विरोध करते हैं. इस बार CYSS एक बार फिर से मैदान में है.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट-लेनिनिस्ट) का छात्र संगठन AISA काफी समय से DUSU में चुनाव लड़ता रहा है लेकिन जीत से उसकी दूरी बनी हुई है. हालांकि AISA डीयू छात्रसंघ चुनाव में पिछले काफी समय से तीसरे नंबर पर आता रहा है. ऐसे में CYSS और AISA का गठबंधन इस बार DUSU में बड़ी चुनौती पेश कर सकता है.