इंदौर। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में ऑनलाइन रेल टिकट बुक कराने वालों के बीमा यात्रा से निजी कंपनियों की बंपर कमाई हुई है. इन दो सालों में 43.57 करोड़ लोगों के यात्रा बीमा के बदले निजी क्षेत्र की तीन अनुबंधित कम्पनियों ने 37.14 करोड़ रुपये का प्रीमियम कमाया. हालांकि, इन कंपनियों ने इस अवधि में केवल 48 बीमा दावा मामले स्वीकृत किये जिनमें संबंधित लोगों को 4.34 करोड़ रुपये का मुआवजा अदा किया गया. Also Read - IRCTC/Indian Railways: ट्रेन से पश्चिम बंगाल जा रहे हैं तो पहले ये खबर पढ़ लें, पहुंचने पर हो सकती है मुश्किल

मध्य प्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के एक संयुक्त महाप्रबंधक ने उन्हें आरटीआई के तहत यह जानकारी दी है. Also Read - Indian Railways/IRCTC: 7 मई से अगले आदेश तक रद रहेंगी कई ट्रेनें, सफर पर निकलने से पहले देख लें पूरी लिस्ट

43.57 करोड़ रेल मुसाफिरों का बीमा Also Read - Indian Railways/IRCTC: वेस्टर्न रेलवे ने इन स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए, कल से टिकटों की बुकिंग होगी शुरू

गौड़ की आरटीआई अर्जी पर भेजे गये जवाब में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 से वित्तीय वर्ष 2017-18 के बीच ई-टिकट बुक कराने वाले 43.57 करोड़ रेल मुसाफिरों को यात्रा बीमा योजना के तहत कवर प्रदान किया गया. इस अवधि में योजना के तहत आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस को 12.40 करोड़ रुपये, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस को 12.36 करोड़ रुपये और श्रीराम जनरल इंश्योरेंस को 12.38 करोड़ रुपये का प्रीमियम भुगतान किया गया.

155 बीमा दावे सामने आए 

आरटीआई से पता चलता है कि यात्रा बीमा योजना के तहत तीनों कंपनियों को कुल 155 बीमा दावे मिले. इनमें से 48 बीमा दावे मंजूर करते हुए संबंधित लोगों को कुल 4.34 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान किया गया. इस अवधि में 55 बीमा दावे बंद कर दिए गए, जबकि 52 अन्य बीमा दावों पर फिलहाल विचार किया जा रहा है.

आरटीआई से यह जानकारी भी मिलती है कि ऑनलाइन रेलवे टिकटों पर यात्रा बीमा योजना एक सितंबर 2016 से शुरू की गयी थी. इसके बाद 10 दिसंबर 2016 से ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले सभी रेल यात्रियों के लिये इसे मुफ्त किया जा चुका है. यानी तब से इस योजना के प्रीमियम का भुगतान सरकारी खजाने से किया जा रहा है. फिलहाल ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले हर व्यक्ति के यात्रा बीमा (प्रति व्यक्ति प्रति ट्रिप) के बदले संबंधित कंपनी को 68 पैसे का प्रीमियम सरकार की ओर से चुकाया जा रहा है.

बीमित व्यक्ति के रेल यात्रा के दौरान किसी दुर्घटना में हताहत होने पर इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये के मुआवजे के भुगतान का प्रावधान है.