नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस वर्ष के घटनाक्रम बहुत परेशान करने वाले हैं और उन्होंने कुछ बहुत बुनियादी चिंताएं पैदा की हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या चीन-भारत सीमा पर गतिरोध लंबा चलेगा या इसमें कोई सफलता मिलने की उम्मीद है, इसपर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “मैं अनुमान नहीं जताऊंगा.” Also Read - Army Day 2021: आर्मी चीफ का चीन को स्पष्ट संदेश, कहा- भारतीय सेना के धैर्य की परीक्षा न ले कोई देश, हम...

चीन के साथ लद्दाख में गतिरोध पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “इस वर्ष के घटनाक्रम बहुत परेशान करने वाले हैं, उन्होंने कुछ बहुत बुनियादी चिंताएं पैदा की हैं. मेरा मानना है कि जो कुछ हुआ है वह वास्तव में चीन के हित में नहीं है क्योंकि इससे जन भावना पर काफी असर पड़ा है.” विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी परीक्षा ली जा रही है, मुझे विश्वास है कि हम इस कठिन परिस्थिति से सफलतापूर्वक निपटेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती का सामना करेंगे. Also Read - चीन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का करारा जवाब, बोले- 'अगर कोई महाशक्ति हमारे सम्मान को ठेस पहुंचाएगी तो...'

विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन-भारत सीमा गतिरोध के संबंधों पर पड़े प्रभाव पर कहा, “मुझे लगता है कि असली खतरा सद्भावना नष्ट होने को लेकर है, जिसे बड़ी सावधानी से विकसित किया गया था.” बता दें कि इससे पहले भारत ने शुक्रवार को कहा कि पिछले छह महीने में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चीन की कार्रवाइयों का परिणाम है क्योंकि चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को ‘‘एकतरफा ढंग से बदलने’’ की कोशिश की है. Also Read - WHO की एक्‍सपर्ट टीम COVID-19 वायरस की उत्‍पत्ति का पता लगाने चीन के वुहान शहर में पहुंची

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में यह बात तब कही जब उनसे चीनी विदेश मंत्रालय की उन ताजा टिप्पणियों के बारे में पूछा गया जिनमें उसने पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था.

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमारा रुख बहुत ही स्पष्ट रहा है, जिसे अतीत में कई बार बयां किया गया है. पिछले छह महीने से हम जो हालात देख रहे हैं, वह चीनी पक्ष की कार्रवाइयों का परिणाम है जिसने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर स्थिति में एकतरफा ढंग से बदलाव करने की कोशिश की है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये (चीनी) कार्रवाई, भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में एलएसी पर शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किए गए द्विपक्षीय संबंधों तथा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है.’’

(इनपुट भाषा)