नई दिल्ली: सोमवार की सुबह-सुबह एक बार फिर से मिजोरम की धरती हिली. मिजोरम में आज सुबह करीब चार बजकर दस मिनट में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 दर्ज की गई. इस भूकंप से राज्य में फिलहाल अभी किसी भी तरह के जानमाल की सूचना नहीं मिली है. भूकंप का केंद्र चमफाई जिले में दर्ज किया गया.Also Read - Earthquake In India: तड़के सुबह भूकंप के जोरदार झटके से कांपी मणिपुर-अरुणाचल प्रदेश की धरती, जानिए क्या रही तीव्रता..

तीन दिन के अंदर मिजोरम में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इससे पहले शुक्रवार को भी मिजोरम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. शुक्रवार का राज्य में आया भूकंप आज के मुकाबले थोड़ा धीमा था. उस दिन भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई थी. Also Read - Earthquake in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में हिली धरती, 5.3 तीव्रता से आया भूकंप

पिछले दो महीनों से देश के अलग अलग हिस्से में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इनमें से सबसे ज्यादा बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों में भूकंप आया है. एक तरफ देश की जनता कोरोना वायरस के कोहराम से परेशान है तो दूसरी तरफ लगातार आ रहे झोटे झोटे भूकंप के झटकों ने जनता के मन में एक दहशत की पैदा कर दी है. Also Read - Earthquake: मणिपुर में महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई तीव्रता

लगातार भूकंप के आने के कारणों को लेकर भी वैज्ञानिकों में आपसी मतभेद हैं कुछ लोग मानते हैं कि छोटे भूकंप किसी बड़े भूकंप की घटना को टालने में सहायक होते हैं जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह से आ रहे छोटे भूकंप भविष्य में आने वाले किसी बड़े भूकंप का संकेत हैं.

पूर्वोत्तर में इतिहास के कुछ सबसे बड़े भूकंप आए हैं. वर्ष 1897 8.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र शिलांग था, जबकि 1950 में असम में रिक्टर पैमाने पर 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके परिणामस्वरूप ब्रह्मपुत्र नदी ने अपना रास्ता बदल दिया था