काठमांडू, 30 अप्रैल | नेपाल में शनिवार से अब तक 100 से ज्यादा आफ्टरशॉक महसूस किए गए हैं, जिस कारण हजारों लोग काठमांडू छोड़ चुके हैं, तो कई अपने घरों से बाहर रह रहे हैं। नेपाल में गुरुवार सुबह तक रिक्टर पैमाने पर चार तीव्रता वाले 110 आफ्टरशॉक महसूस किए गए हैं। भूकंप में अब तक 5,000 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं। लोगों का राजधानी काठमांडू छोड़ कर जाने का सिलसिला जारी है और हजारों लोग डर के कारण घर से बाहर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के मुताबिक, पांच लाख घर पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। लोग अपने घरों में वापस जाने से डर रहे हैं, जिनमें दरारें पड़ गई हैं।  उन्हें इस बात की चिंता है कि हल्का भूकंप आने पर भी उनके घर ढह सकते हैं। यह भी पढ़ें– नेपाल : 5000 से अधिक मौतें, गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन

जनजीवन अभी सामान्य नहीं हुआ है। दुकानें नहीं खुली हैं, स्कूल बंद हैं, सरकारी तथा निजी दफ्तरों में काम बंद है। सबसे ताजा आफ्टरशॉक गुरुवार सुबह 6.22 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 4.7 और केंद्र लामजुंग जिला था। भूकंप विज्ञानी दिल्लीराम तिवारी ने कहा कि छह तीव्रता वाला भूकंप उतना खतरनाक नहीं है। उन्होंने बताया, “इस तरह के झटके बड़े भूकंप के बाद महसूस किए जा सकते हैं, इसलिए लोगों को घबराना नहीं चाहिए।”

नेशनल सिस्मोलोजी सेंटर के लोकबिजया अधिकारी ने बताया कि बड़े भूकंप आने के एक सप्ताह बाद छोटे झटके महसूस किए जा सकते हैं।