नई दिल्‍ली: देश के पूर्वोत्‍तर राज्‍य मिजोरम में आज सोमवार सुबह 5.3 तीव्रता का भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया. भूकंप से मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई स्थानों पर सड़कों में दरारें आ गईं. इस बारे में जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम में सोमवार को भूकंप के बाद राज्य के मुख्यमंत्री जोरामथंगा को केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. Also Read - Indian Railways is giving work to Migrant Workers: प्रवासी मजदूरों को इन योजनाओं के तहत Indian Railways दे रहा है काम, जानें अप्लाई करने का प्रॉसेस

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह चार बज कर दस मिनट पर आए भूकंप का केंद्र भारत-म्यामां सीमा पर चंफाई जिले के जोख़ावथार में था. राज्य के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप राजधानी आइजोल सहित कई स्थानों पर महसूस किया गया, इससे चंफाई जिले में अनेक मकान और इमारतें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो और गईं और राजमार्गों और सड़कों में कई जगह दरारें आ गईं. नुकसान का पूरी तरह आकलन किया जाना बाकी है. Also Read - Covid-19 in Mizoram Update: असम राइफल्स के चार जवान और NDRF के 10 कर्मी सहित 22 लोग कोरोना पॉजिटिव

वहीं, प्रधामंत्री ने ट्वीट किया, ”मिजोरम में भूकंप आने के मद्देनजर वहां के मुख्यमंत्री श्री जोरामथंगा से बात की और उन्हें केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.”

मिजोरम में भारत म्यामां सीमा पर स्थित चंफाई जिले के जोख़ावथार में सुबह चार बज कर दस मिनट पर भूकंप महसूस किया गया. राज्य भूविज्ञान और खनिज संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.

पूर्वोत्तर में इतिहास के कुछ सबसे बड़े भूकंप आए हैं. साल 1897 में 8.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र शिलांग था, जबकि 1950 में असम में रिक्टर पैमाने पर 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके परिणामस्वरूप ब्रह्मपुत्र नदी ने अपना रास्ता बदल दिया था.