नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में समयबद्ध तरीके से तनाव घटाने और सैनिकों के पीछे हटने के लिए तौर-तरीका तय करने के वास्ते भारतीय और चीनी सेना के वरिष्ठ कमांडरों के चौथे दौर की वार्ता आज मंगलवार को होने जा रही है. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय हिस्से में चुशुल में यह बैठक दिन में 11:30 बजे शुरू होगी. यह चौथी दौर की मीटिंग है. Also Read - अमेरिका में चीन के खिलाफ प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने पूछा-वायरस कौन, जवाब मिला ये-देखें वीडियो

वार्ता में पैंगोग सो और देपसांग में पीछे हटने की प्रक्रिया के दूसरे दौर को शुरू करने के साथ ही समयबद्ध तरीके से पिछले बेस से सैनिकों और अन्य सैन्य उपकरणों को हटाए जाने पर फोकस रहेगा. भारतीय पक्ष पूर्वी लद्दाख के सभी क्षेत्रों में पांच मई से पहले की यथास्थिति बहाल करने पर जोर देगा. Also Read - विदेश मंत्री जयशंकर बोले- भारत और चीन पर दुनिया का बहुत कुछ निर्भर करता है

ऊंचाई वाले क्षेत्र में अमन-चैन की बहाली के खाके को भी अंतिम रूप देन की संभावना
दोनों पक्षों द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्र में अमन-चैन बहाल करने के खाके को भी अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है. लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह के भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की संभावना है. चीनी पक्ष का नेतृत्व दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन कर सकते हैं. Also Read - भारत से आयात बंद होने का असर, पाकिस्तान में सांप का जहर बेअसर करने वाले एंटी-डॉट की किल्लत

गोग्रा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान घाटी से हट चुके चीनी सैनिक
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) गोग्रा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान घाटी से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और पिछले एक सप्ताह में उसने पैंगोग सो इलाके में फिंगर फोर के पास सैनिकों की संख्या घटायी है. भारत जोर दे रहा है कि चीन फिंगर फोर और फिंगर एट के बीच के इलाकों से सुरक्षा बलों को हटाए.

एनएसए डोभाल और चीनी विदेश मंत्री की बातचीत के बाद हटने की प्रक्रिया शुरू हुई
बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच करीब दो घंटे की टेलीफोन वार्ता के बाद सैनिकों के पीछे हटने की औपचारिक प्रक्रिया पिछले सोमवार यानि 6 जून को शुरू हुई थी.

पीछे हटने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ने का फैसला
– 10 जून शुक्रवार को भारत और चीन के बीच राजनयिक स्तर की वार्ता हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने अमन-चैन बहाल करने के लिए पूर्वी लद्दाख में समयबद्ध तरीके से सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ने का फैसला किया था.
– बैठक में फैसला किया गया कि दोनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडर पूरी तरह पीछे हटने और तनाव घटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ‘जल्द’ चर्चा करेंगे.

तीन दौर की हो चुकी है बैठक
दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर तीन दौर की वार्ता हो चुकी है और अंतिम बैठक 30 जून को हुई थी. इस बैठक में दोनों पक्ष गतिरोध दूर करने के लिए प्राथमिकता के साथ जल्द, चरणबद्ध और क्रमिक तरीके से तनाव घटाने पर सहमत हुए थे.

– लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की पहली वार्ता 6 जून को हुई थी.
– पहली बैठक में दोनों पक्ष गलवान घाटी से टकराव के सभी जगहों से धीरे-धीरे पीछे हटने पर राजी हुए थे
– दूसरे दौरे की वार्ता 22 जून को हुई थी.
– तीसरे दौर की बैठक 30 जून को हुई थी
– भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पांच मई से ही पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर तनाव गहरा गया
– गलवान घाटी 15 जून की रात में भारत के 20 सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद यह तनाव और बढ़ गया
– चीनी सेना को भी नुकसान हुआ, लेकिन उसने इस बारे में कुछ नहीं बताया है
– अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन के 35 सैनिक हताहत हुए थे