नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बहुजन समाज पार्टी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की इजाजत दे दी है. आपराधिक मामले में मुख्तार अंसारी इन दिनों यूपी की बांदा जेल में बंद हैं. राज्यसभा चुनाव 23 मार्च को होने हैं और इसमें बीएसपी की साख दांव पर लगी हुई है. बीएसपी के लिए एक एक वोट अहम है इसीलिए अंसारी ने चुनाव आयोग से वोट डालने की इजाजत मांगी थी. Also Read - Rajya Sabha Election 2020: पासवान की राज्यसभा सीट से होगी भाजपा और जदयू के बीच भरोसे की परीक्षा

दरअसल, बीजेपी के दांव ने सपा-बसपा दोनों को परेशान कर दिया है. 8 राज्यसभा उम्मीदवारों को आसानी से जीत दिलाने की क्षमता रखने वाली बीजेपी ने नौंवां कैंडिडेट उतारकर सभी दलों को उलझन में डाल दिया है. बीएसपी की तरफ से भीमराव अंबेडकर ने पर्चा भरा है. ऐसे में बीएसपी के लिए एक-एक वोट कीमती है. उपचुनाव के दौरान सपा से दोस्ती की भी अग्निपरीक्षा होनी है.

10 महीने से बांदा जेल में है अंसारी

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्तार अंसारी ने समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ बहुजन समाज पार्टी ज्वॉइन कर ली थी. उन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. फिलहाल उनके विधासभा का कामकाज भाई सिगबतुल्ला देखते हैं.

सजायाफ्ता बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का 'मीटिंग प्वाइंट' बना यूपी विधानसभा

सजायाफ्ता बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का 'मीटिंग प्वाइंट' बना यूपी विधानसभा

मुख्तार अंसारी करीब 10 महीने से बांदा जेल में बंद है. पहले खबरें आई थीं कि विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ व आसपास की ही किसी जेल में शिफ्ट किया जा सकता है. बाहुबली विधायक को इससे पहले उन्नाव जेल भी ले जाया गया था. यहीं से उन्हें हर रोज विधानसभा पहुंचाने का प्रबंध किया गया था.

अंसारी जेल चुनिंदा लोगों से ही मिलता है. जेल में बंद मुख्तार अंसारी पांचों वक्त नमाज अदा करने के बाद ज्यादातर वक्त किताब पढ़ने में व्यतीत करता है. इसी साल जनवरी में मुख्तार अंसारी को दिल का दौरा पड़ा था. जिस वक्त उन्हें दिल का दौरा पड़ा उनकी पत्नी भी साथ थी. इसी दौरान उनकी पत्नी को भी दिल का दौरा पड़ा. दोनों को बांदा के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. परिजनों ने दोनों को जहर देने का आरोप लगाया था.