नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा से पहले ही चुनाव की तारीखों का सोशल मीडिया पर खुलासा होने के मामले में चुनाव आयोग के जांच दल ने चुनाव कार्यक्रम ‘लीक’ होने से इंकार किया है. जांच दल ने इसे महज खबरिया चैनलों पर प्रसारित हुई अनुमानपरक खबरों का नतीजा बताया है.Also Read - योगी आदित्यनाथ ने कहा- यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून 'सही समय' पर आएगा, जो करेंगे नगाड़ा बजाकर करेंगे

इस मामले में भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय, कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के सोशल मीडिया प्रभारी श्रीवत्स बी द्वारा चुनाव की तारीख पहले ही ट्वीट करने के मामले में चुनाव कार्यक्रम लीक करने के आरोप को नकारते हुये जांच समिति ने कहा कि इससे पहले भी मीडिया रिपोर्टों में चुनाव कार्यक्रम की अनुमानपरक खबरें प्रकाशित होती रही हैं. इसलिये इसे चुनाव कार्यक्रम लीक करना नहीं कहा जा सकता है. Also Read - BJP विधायक के भाई ने बदमाशों को AK-47 दी, 188 कारतूस भी मिले, बिहार का सियासी पारा चढ़ा

उल्लेखनीय है कि गत 27 मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत और दो अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा संवाददाता सम्मेलन में कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने से पहले ही मालवीय और श्रीवत्स ने ट्वीट कर मतदान और मतगणना की तारीख का खुलासा कर दिया था. इस पर संज्ञान लेते हुये रावत ने चुनाव कार्य्रकम लीक होने की जांच के लिए आयोग के महानिदेशक धीरेन्द्र ओझा की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच दल गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा था. Also Read - West Bengal News: पश्चिम बंगाल में दिलीप घोष की जगह सुकांता मजूमदार बने BJP प्रदेश अध्यक्ष

आयोग द्वारा शनिवार को सार्वजनिक की गई जांच दल की रिपोर्ट में चुनाव कार्यक्रम लीक होने के बारे में मालवीय और श्रीवत्स के अलावा दोनों समाचार चैनलों के जवाब के आधार पर कहा गया है कि ट्वीट पर साझा की गई जानकारी प्रश्नगत दोनों समाचार चैनलों पर प्रसारित खबर पर आधारित थीं. जांच दल ने कहा कि समाचार चैनलों ने सूत्रों के हवाले से अनुमानपरक खबर प्रसारित की थी. इसलिए इसे चुनाव की तारीखें ‘लीक’ करना नहीं कहा जा सकता.

जांच दल ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की प्रक्रिया के पुख्ता होने की भी विस्तार से जांच की. जांच रिपोर्ट के अनुसार आयोग में चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया गया है. इसलिए चुनाव कार्य्रकम लीक होने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, जांच दल ने समाचार चैनलों से आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय इस तरह की अनुमानपरक खबरें प्रसारित करने से बचते हुए ज्‍यादा जिम्‍मेदार रवैया अपनाने की जरूरत बताई. साथ ही राजनीतिक दलों से भी ऐसे अवसरों पर अनुमानपरक खबरों के आधार पर ट्वीट करने से बचने की अपेक्षा व्यक्त की. जांच दल ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की आयोग की मौजूदा प्रक्रिया हालांकि बेहद पुख्ता है लेकिन इसे और मजबूत बनाने के बारे में समिति जरूरत पड़ने पर भविष्य में सुझाव देगी.