नयी दिल्ली: चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एस वाई कुरैशी के इस आरोप से इंकार किया है कि आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान नफरत भरे भाषणों के मामले में उचित तरीके से सजा नहीं दी. आयोग ने कहा कि जब कुरैशी आयोग की अगुवाई कर रहे थे तो जनप्रतिनिधित्व कानून और आईपीसी के तहत नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी. Also Read - Assam में EVM के वायरल वीडियो के बाद चुनाव आयोग ने 4 अफसरों को सस्‍पेंड किया, दोबारा होगा मतदान

कुरैशी ने एक अंग्रेजी अखबार में अपने लेख में लिखा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली चुनाव के प्रचार के दौरान नफरत वाले भाषणों पर उचित कार्रवाई नहीं की. आयोग ने गुरूवार को कुरैशी को पत्र लिखकर कहा कि जब आप मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय का कामकाज देख रहे थे, उस दौरान आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता के तहत जारी नोटिसों और कार्रवाई की सूची संलग्न है. उन्होंने कहा कि आप कृपा करके इसे पढ़ सकते हैं. संलग्न सूची से देखा जा सकता है कि तत्कालीन आयोग ने इस अवधि में जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धाराओं 123 और 125 के तहत तथा आईपीसी (भारतीय दण्ड संहिता) की धारा 153 के तहत कोई कार्रवाई नहीं की. Also Read - बिहार चुनाव: तेजस्वी, तेजप्रताप का नामांकन रद्द कराने EC पहुंची JDU, नीतीश के मंत्री ने लगाए संपत्ति छिपाने के आरोप

2010 से जून 2012 तक सीईसी रहे कुरैशी
जुलाई 2010 से जून 2012 तक सीईसी रहे कुरैशी से इस बारे में प्रतिक्रिया लेने के लिए उन्हें फोन से संपर्क का प्रयास किया गया. हालांकि उनसे बात नहीं हो सकी और उन्होंने मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया. Also Read - ICC सीईसी की बैठक गुरुवार को, टेस्ट चैंपियनशिप, वनडे लीग पर होगी चर्चा