नई दिल्ली: आर्थिक पैकेज (Economic Package) के तहत आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कृषि के आधारभूत ढाँचे के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. आर्थिक पैकेज के 20 लाख करोड़ में से कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ का ऐलान किया गया है. आज लगातार तीसरे दिन निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. Also Read - इस दिन खुलेगा प्रसिद्ध बालाजी मंदिर, हर दिन 6,000 भक्त कर पाएंगे दर्शन

ये हैं नए ऐलान
– अब देश के सभी पशुओं का टीकाकरण होगा. खुरपका-मुंहपका जैसे रोगों के लिए 13,343 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया. पशु पालन को बढ़ाने के उद्देश्य से (भैंस, भेड़, बकरी और सुअर) 100% टीकाकरण के लिए 13,343 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ ‘राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम’ की शुरूआत की गई. Also Read - कोविड-19 की भेंट चढ़ा हैदराबाद ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट, कोच पुलेला गोपीचंद ने किया रिएक्ट

– हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. अगले 2 वर्षों में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा. Also Read - Unlock 1 के बीच इस राज्य की सरकार ने उठाए कड़े कदम, वीकेंड के दो दिन रहेगा पूरी तरह से लॉकडाउन

– 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष स्थापित किया जाएगा.

– डेयरी प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने और कैटल फीड प्रोडक्शन में निर्यात के लिए 15,000 करोड़ रुपए का फंड अलग से निर्धारित किया गया है.

– सरकार ने समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन (मछली पालन) के विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपए की ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ शुरू करेगी. इस कार्यक्रम से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.

– मछुआरों को नई नावें-नौकाएं दी जाएंगीं.

– मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इससे 2 लाख मधुमक्खी पालनकर्ताओं की आय में वृद्धि होगी.

– एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्रों, संग्रह, विपणन और भंडारण केंद्रों और मूल्य संवर्धन सुविधाओं से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना लागू की जाएगी.

– ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत अगर टमाटर, प्याज और आलू सहित सब्जी और फल को खेतों से बाज़ार तक खराब होने से बचाने को अगले 6 महीने के लिए ‘ऑपरेशन ग्रीन’ पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ा दिया गया है.

-अहम घोषणा ये भी है कि जिंस एक्ट 1955 में बदलाव होगा. अभी इसके तहत नियम ये है कि अंतरराज्यीय व्यापार पर रोक है. इसमें बदलाव होने पर किसान दूसरे राज्य में अनाज बेच सकेंगे. अभी किसान सिर्फ लाइसेंसी व्यापारी को ही अनाज बेच सकता है, लेकिन बदलाव के बाद वह किसी को भी फसल बेच सकेगा, जिससे उन्हें मनचाही कीमत मिल सकती है. इस कानून के तहत आलू, प्याज, तिलहन आदि आते हैं.