नोएडा स्थित अपने घर से 29 फरवरी को लापता हुई फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक परिवार की आर्थिक समस्याओं के कारण तनावग्रस्त हो गई थीं और इसलिए वह घर छोड़ कर चली गई थी।शहर के पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने रविवार को बताया, “शिप्रा मलिक के अपने ससुराल से लापता होने का कारण परिवार की आर्थिक स्थिति थी।”शिप्रा के सुसर वीरेंद्र मलिक के पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के हिसौदा गांव के निवासियों ने बताया कि वीरेंद्र ने अपने बेटे चेतन और शिप्रा दोनों के व्यवसाय स्थापित करने के लिए अपनी पैतृक जमीन बेच दी थी।यह भी पढ़े:नोएडा से लापता फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक गुड़गांव में मिलीAlso Read - Investment in Uttar Pradesh: सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसाफ्ट, अडानी ग्रुप तथा हल्दीराम ने नोएडा में किया निवेश, मिलेगा रोजगार

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लेकिन चेतन ने मेरठ में एक रेस्तरां खोलने और उसके बाद नोएडा के सेक्टर 18 में एक और रेस्तरां खोलने के लिए नोएडा स्थानांतरित होने के बाद अचल संपत्ति का कारोबार शुरू कर दिया। लेकिन इस कारोबार में नुकसान होने के बाद मलिक परिवार में आर्थिक संकट पैदा होने लगे।शिप्रा ने कथित तौर पर इन आर्थिक परेशानियों के कारण घर छोड़ दिया। उसके बाद उनके पति चेतन ने नोएडा पुलिस थाने में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। Also Read - गेस्ट हाउस में चल रहे Sex Racket का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 12 युवतियों को मुक्त कराया

शिप्रा ने चार मार्च को हरियाणा के गुड़गांव जिले स्थित सुल्तानपुर गांव के एक व्यक्ति का दरवाजा खटखटाया और उन्हें बताया कि उन्हें अगवा कर लिया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।सुल्तानपुर के सरपंच राकेश कुमार ने आईएएनएस को बताया, “वह रो रही थी और डरी हुई थी, लेकिन उसने कहा कि वह पुलिस की मदद नहीं लेना चाहती।”शिप्रा ने कहा कि 29 फरवरी को नोएडा के एक बाजार से उसे अगवा कर लिया गया था, लेकिन वह नहीं जानती कि उसकी आंखों पर पट्टी बांध कर उसे कहां रखा गया था।गुड़गांव की एक पुलिस टीम बाद में उसे फारुख नगर पुलिस स्टेशन ले गई, जहां से वह अपने परिवार के साथ लौट गई।