नई दिल्ली: 51.5 प्रतिशत लोग या यूं कहे तो बहुमत के हिसाब से, जीवन की औसत गुणवत्ता के लिए चार लोगों का परिवार प्रति माह 20,000 रुपये तक की आय की जरूरत महूसस करता है. आईएएनएस-सी वोटर सर्वेक्षण में यह पता चला.Also Read - Economic Survey: आर्थिक सर्वेक्षण होता क्या है? कितना अहम होता है बजट पूर्व संसद में प्रस्तुत किया जाने वाला यह दस्तावेज

कुल 23.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि औसत गुणवत्ता वाले जीवन के लिए प्रति माह 20,000-30,000 रुपये की आय की आवश्यकता होती है, जबकि अन्य 10 प्रतिशत को लगता है कि इसके लिए 30,000-40,000 रुपये की आवश्यकता है. अन्य 8.6 प्रतिशत लोगों को चार लोगों के परिवार के लिए प्रति माह 50,000-1,00,000 रुपये तक की आवश्यकता महसूस हुई. Also Read - वित्तमंत्री आज राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन का करेंगी शुभारंभ

सर्वेक्षण के अनुसार, 81.4 प्रतिशत को लगता है कि जीवन की औसत गुणवत्ता जीने के लिए आवश्यक आय को कर मुक्त रखा जाना चाहिए, जबकि 12.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं को लगता है कि इस पर कर लगाया जाना चाहिए. सोमवार को संसद में पेश होने वाले बजट से आयकर स्लैब और छूट के संदर्भ में आम आदमी की कई उम्मीदें हैं. Also Read - Income Tax: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे Income Tax और TDS से जुड़े ये पांच नियम, जिन्हें जानना आपके लिए है जरूरी

महामारी ने अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और अर्थशास्त्री ने सिफारिश की है कि सरकार को मांग को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए लोगों के हाथों में अधिक पैसा लगाने के उपायों के साथ आना चाहिए.

शुक्रवार को संसद में पेश किए गए 2020-21 के आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार की विस्तारवादी नीतियों का भी पूरा समर्थन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भविष्य में भी मांग को पूरा करने की जरूरत है. पोल का सैंपल साइज 4,000 से अधिक है और सर्वेक्षण के लिए फील्डवर्क जनवरी 2021 के तीसरे-चौथे सप्ताह में किया गया था. सर्वेक्षण का विषय ‘केंद्रीय बजट से उम्मीदें’ है.