नई दिल्ली: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में वांछित दुबई के एक कारोबारी और एक कॉरपोरेट विमानन लॉबिस्ट को भारत प्रत्यर्पित किया गया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राजीव शमशेर बहादुर सक्सेना 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर धन शोधन मामले में वांछित है और लॉबिस्ट दीपक तलवार विदेशी फंडिंग के जरिए प्राप्त 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का दुरुपयोग करने के मामले में ईडी और सीबीआई की वांछित सूची में है. इन्हें तड़के करीब डेढ़ बजे विशेष विमान से दिल्ली लाया गया. ईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. दो अलग-अलग टीमें राजीव सक्सेना और दीपक तलवार से पूछातछ करेंगी.

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और उन्हें बाद में दिन में यहां एक अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. उन्होंने बताया कि दुबई प्रशासन ने भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर दोनों को बुधवार को पकड़ा था. इस मामले में सह आरोपी और कथित बिचौलिए ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन जेम्स मिशेल को हाल ही में दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था. वह अभी न्यायिक हिरासत में है. सक्सेना के वकीलों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात में प्रत्यर्पण की कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई और उन्हें भारत भेजते समय उनके परिवार या वकीलों से संपर्क करने नहीं दिया गया.

तलवार पर आपराधिक षडयंत्र, जालसाजी और उनके एनजीओ से एम्बुलेंस और अन्य सामान के लिए मिली 90.72 करोड़ रुपये की विदेशी निधि की कथित हेराफेरी के लिए एफसीआरए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. संप्रग सरकार के दौरान कुछ विमान सौदों में भी उनकी भूमिका जांच के घेरे में है. तलावार पर भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में ईडी और सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग ने भी उस पर कर चोरी का आरोप लगाया है. ईडी ने दुबई के पाम जुमेरह निवासी राजीव सक्सेना को मामले में कई बार समन भेजा था और उनकी पत्नी शिवानी सक्सेना को जुलाई 2017 में चेन्नई हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया था. वह अब जमानत पर बाहर हैं.