नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय  ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे की संलिप्तता वाले धन शोधन के एक मामले में 89.68 लाख रुपए नकदी कुर्क की. ईडी ने एक बयान में कहा कि उसने रिश्वत से मिले धन को कुर्क करने के लिए धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अस्थायी आदेश जारी किया है. ईडी के अनुसार यह अपराध से प्राप्त आय है. बता दें कि सीबीआई की टीम ने सिंगला के चंडीगढ़ में सेक्टर 28 स्थित कार्यालय पर छापा में 89,68,000 रुपए जब्त किए थे . इस दौरान बंसल रेल मंत्री थे और उनके भांजे विजय सिंगला को 89,68,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था.

रेलवे में शीर्ष पदों पर भर्तियों से संबंधित रिश्वत और भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई ने यह नकद राशि बंसल के भांजे विजय सिंगला के कार्यालय से बरामद की थी. ईडी ने रेलवे बोर्ड सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार, विजय सिंगला, संदीप गोयल और सात अन्य के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी और आरोप पत्र के आधार पर अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया था.

जांच एजेंसी ने कहा कि सीबीआई की जांच में पता चला कि भारतीय रेल सेवा सिग्नल इंजीनियरिंग (आईआरएसएसई) के 1975 बैच के अधिकारी महेश कुमार को पश्चिम रेलवे में महाप्रबंधक के तौर पर नियुक्त किया गया था, जबकि वह खुद की नियुक्ति रेलवे बोर्ड सदस्य (स्टाफ) के बजाय रेलवे बोर्ड सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के तौर पर चाहते थे.

ईडी ने कहा कि सीबीआई जांच में यह पता चला कि इसके लिए वह एन मंजूनाथ के संपर्क में थे, जो बाद में सिंगला के मित्र संदीप गोयल के संपर्क में आण्‍. सिंगला ने महेश कुमार को सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के तौर पर नियुक्ति के एवज में संदीप गोयल के जरिये एन मंजूनाथ से 10 करोड़ रुपए मांगे थे. इसके अनुसार सिंगला और गोयल को इसकी टोकन राशि देने के दौरान सीबीआई की टीम ने सिंगला के चंडीगढ़ में सेक्टर 28 स्थित कार्यालय पर छापा मारा और 89,68,000 रुपए जब्त किए. इस दौरान बंसल रेल मंत्री थे और उनके भांजे विजय सिंगला को कथित तौर पर 89,68,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था.