नयी दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने ‘आप’ के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन, इस्लामी समूह पीएफआई और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन और राष्ट्रीय राजधानी में हाल में हुए दंगों के लिए कथित रूप से धन मुहैया कराने के आरोपों के तहत मामले दर्ज किए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने हुसैन के तीन साथियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

हुसैन उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिछले महीने हुए दंगों के दौरान एक आईबी अधिकारी की हत्या के आरोपों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था. इसी प्रकार के आरोप पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ लगाए गए हैं. पीएफआई के खिलाफ पहले से ही पीएमएलए के तहत अलग से जांच चल रही है. हुसैन इस समय पुलिस हिरासत में है. अधिकारियों ने बताया कि संघीय एजेंसी ने साम्प्रदायिक हिंसा को कथित रूप से प्रायोजित करने के लिए हुसैन, पीएफआई और अन्य द्वारा अवैध धन दिए जाने और कथित धनशोधन की जांच करने के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दायर प्राथमिकियों का संज्ञान लिया है. इस हिंसा में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

पीएफआई के संदर्भ में, ईडी देश में सीएए के खिलाफ दंगों को भड़काने के लिए 120 करोड़ रुपए का धन कथित रूप से मुहैया कराने को लेकर पहले ही संगठन के खिलाफ जांच कर रहा है. एजेंसी पिछले एक पखवाड़े में इसके करीब आधा दर्जन पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. पीएफआई और कुछ अन्य संबंधित संगठनों के खिलाफ इस मामले की जांच 2018 ईसीआईआर के तहत की जा रही है, जो पुलिस प्राथमिकी के बराबर है. इस्लामी संगठन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके वित्तीय लेन-देन पारदर्शी हैं. इस बीच शहर की पुलिस ने हुसैन के तीन साथियों को उत्तरपूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगों के संबंध में गिरफ्तार कर लिया है. Also Read - दिल्ली सरकार को सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने की मिलीं 7 हजार शिकायतें, हो सकती है कार्रवाई