नई दिल्ली| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंकवाद के कथित वित्तपोषण के लिए 2005 में दर्ज धनशोधन के मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह और एक संदिग्ध हवाला डीलर के खिलाफ आज अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा के समक्ष दाखिल अंतिम रिपोर्ट में कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी का भी नाम है. वह भी शाह के साथ न्यायिक हिरासत में है.


मामला अगस्त 2005 का है जब दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व में वानी को गिरफ्तार किया था. वानी ने उस समय दावा किया था कि उसने शाह को 2.25 करोड़ रूपये दिए. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था.

तिहाड़ में बंद है अलगाववादी शब्बीर और असलम

असलम वानी ने ही शब्बीर को पाकिस्तान से आए करोड़ों रुपये देने का खुलासा किया था. दोनों अलगाववादी नेता अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं. ईडी ने शाह को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था जबकि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने छह अगस्त को वानी को गिरफ्तार किया. 

Separatist leader Shabir Shah Complaints to Court over ED’s behaviour  | कोर्ट में ड्रामा: शब्बीर शाह से ईडी के वकील ने पूछा- क्या ‘भारत माता की जय’ कह सकते हो?

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शब्बीर और हाफिज की होती थी बातचीत

ईडी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि शब्बीर शाह जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद के साथ लगातार संपर्क में था. और पाकिस्तान के हवाला ऑपरेटरों के जरिए शब्बीर के पास ही पैसा आता था. और यही पाकिस्तानी पैसा कश्मीर घाटी में बम-बारूद बरसाने में लगाया जाता था.


ईडी के मुताबिक इसी साल जनवरी महीने में शब्बीर और हाफिज सईद के बीच आखिरी बातचीत हुई थी. घाटी में आतंक और अशांति फैलाने के लिए हवाला से आए इन पैसों पर शब्बीर शाह तीन प्रतिशत कमीशन भी देता था और इसका कुछ हिस्सा अपने व्यक्तिगत खर्च में इस्तेमाल करता था.


ईडी ने जब्त की भारी रकम 

जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के नेता शब्बीर शाह से ईडी ने 62 लाख रुपये भी जब्त किए हैं. ईडी की जांच में शब्बीर शाह की पार्टी का आईपी एड्रेस भी पाकिस्तान के पेशावर का मिला. इसके अलावा पार्टी का सूचना केंद्र सैटेलाइट पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में है, जबकि पार्टी का मुख्यालय शब्बीर शाह का घर है जो कि श्रीनगर में बना हुआ है.

ईडी के मुताबिक शब्बीर के पास आय का कोई जरिया नहीं है, साथ ही वह कोई आयकर रिटर्न भी फाइल नहीं करता. पार्टी के लिए मिलने वाला चंदा नगद में लिया जाता है जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी जाती.


ईडी ने जांच में पाया कि शब्बीर शाह की पत्नी ड़ॉ बिलकिस भी आतंक की फंडिंग के लिए हवाला के जरिए पैसा इकट्ठा करने में शामिल थी.
(भाषा इनपुट)