नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ आरोपपत्र शनिवार को दाखिल किया. ईडी के वकील नीतेश राणा ने विशेष न्यायाधीश एन के मल्होत्रा की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया. जांच एजेंसी ने भारती और उनके पति के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के संबंध में दिल्ली का एक फार्म हाउस कुर्क कर लिया था. Also Read - कांग्रेस की अनदेखी कर राजद ने राज्यसभा के लिए इन दो उम्मीदवारों के नाम किए घोषित

दक्षिण दिल्ली के बिजवासन इलाके में 26, पालम फार्म्स में स्थित इस फार्महाउस को धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थाई रूप से कुर्क किया गया. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि यह फार्म हाउस मीसा और कुमार का है और यह मिस मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है. Also Read - ED ने AAP पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ मामला दर्ज किया, उसके 3 साथी गिरफ्तार

ईडी ने आरोप लगाया कि यह वर्ष 2008-09 में धन शोधन में शामिल 1.2 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर खरीदा गया है. ईडी ने दो भाइयों सुरेंद्र कुमार जैन और विरेंद्र जैन तथा अन्यों के खिलाफ अपनी जांच के संबंध में जुलाई में इस फार्म हाउस तथा अन्य जगहों पर छापे भी मारे थे. इन लोगों पर मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल कर कई करोड़ रुपयों का धन शोधन करने का आरोप है.

ईडी ने पीएमएलए के तहत जैन बंधुओं को गिरफ्तार किया. जांच एजेंसी ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया, जिन्होंने अग्रिम राशि के तौर पर जैन बंधुओं को 90 लाख रुपये दिए ताकि मिस मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स लिमिटेड में शेयर प्रीमियम के तौर निवेश किया जा सकें.

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ईडी ने कहा कि मिस मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स के शेयर मीसा द्वारा खरीदे जाने तक वह 25, तुगलक रोड, नई दिल्ली के पते पर पंजीकृत थी. वर्ष 2009-10 के दौरान इसका पता बदलकर 26, पालम फार्म्स, वीपीओ बिजवासन, नई दिल्ली कर दिया गया. मीसा और कुमार संबंधित अवधि के दौरान कंपनी के निदेशक थे. जांच एजेंसी ने इस मामले में दंपति से पूछताछ भी की और उनके बयान भी दर्ज किए.

एजेंसी ने कहा कि जैन बंधु, सीए अग्रवाल और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी और दामाद ‘‘1.2 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले के पीछे मुख्य लोग हैं.’’