नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका का शनिवार को विरोध किया. ईडी ने कहा कि उनके (चिदंबरम) द्वारा कथित तौर पर किए गए अपराधों की गंभीरता उन्हें राहत पाने का हकदार नहीं बनाती.

74 वर्षीय चिदंबरम की जमानत याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में ईडी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की, उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनने संबंधी दलील ‘विधि सम्मत नहीं है’ और उनकी याचिका खारिज किए जाने योग्य है.

मामला न्यायमूर्ति सुरेश कैत के समक्ष सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. न्यायमूर्ति कैत ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर जांच एजेंसी से जवाब देने को कहा था. चिदंबरम ईडी द्वारा दायर धनशोधन मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है. उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 22 अक्टूबर को चिदंबरम को जमानत दे दी थी.

इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन मामले में बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 13 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने पूछताछ करने के लिये चिदंबरम को एक दिन की हिरासत में दिये जाने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध को खारिज कर दिया.