नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से राज्य क्रिकेट संघ में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन के मामले में बुधवार को पूछताछ की. प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों ने यह जानकारी दी.  बता देें कि प्रवर्तन निदेशालय ने मामले को राज्य पुलिस से 2015 में जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के आदेश पर अपने हाथ में लिया था. अब्दुल्ला और उनके पुत्र उमर अब्दुल्ला इससे पहले कोई भी गलत काम करने से इनकार कर चुके हैं.

ईडी ने बताया कि अब्दुल्ला केंद्रीय एजेंसी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय पहुंचे और धनशोधन रोकथाम कानून के तहत उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन का मामला सीबीआई की एक प्राथमिकी और आरोपपत्र को ध्यान में रखते हुए दर्ज किया था. अब्दुल्ला और तीन अन्य के खिलाफ आरोपपत्र गत वर्ष जुलाई में दायर किया गया था. आरोपपत्र उस अनुदान से 43 करोड़ रुपए के गबन के लिए दायर किया गया था, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा 2002..2011 के बीच जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) को राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था.

सीबीआई ने अब्दुल्ला के अलावा जेकेसीए के तत्कालीन जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद सलीम खान, तत्कालीन कोषाध्यक्ष अहसन अहमद मिर्जा और जम्मू कश्मीर बैंक के अधिकारी बशीर अहमद मिसगर के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और आपराधिक अमानत में खयानत के लिए रनबीर दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया है.