प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को पूछताछ के लिए 15 मार्च को तलब किया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद एक साल से ज्यादा की हिरासत के बाद PDP नेता मुफ्ती (60) को पिछले साल रिहा किया गया था. उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में ईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए नोटिस दिया गया है.Also Read - जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढहा टनल का एक हिस्सा, मलबे में फंसे 10 मजूदर, 2 की बचाई गई जान

ईडी के समन के बाद महबूबा ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ केंद्र सरकार की डराने-धमकाने की तरकीब काम नहीं आएगी. उन्होंने ईडी के नोटिस का उल्लेख किए बिना ट्विटर पर लिखा, ‘केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने-धमकाने की तरकीब अपना रही है. वे नहीं चाहते कि हम उनकी दंडात्मक कार्रवाई और नीतियों पर सवाल करें. इस तरह का हथकंडा सफल नहीं होगा.’ Also Read - जम्मू कश्मीर के बारामूला में शराब की दुकान पर आतंकियों ने फेंका ग्रेनेड, हमले में एक की मौत; तीन घायल

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अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन रोकथाम कानून के तहत एक मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी के सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किस मामले में मुफ्ती को तलब किया गया है, लेकिन संकेत दिया कि जम्मू एंड कश्मीर बैंक से पूर्व में लिए गए कर्ज में कथित वित्तीय अनियिमतता से जुड़ा मामला हो सकता है.

एजेंसी ने पिछले साल दिसंबर में PDP नेता के करीबी सहयोगी अंजुम फजिली के परिसरों की तलाशी ली थी और 28 लाख रुपये नकदी जब्त की थी. धनशोधन के मामले में फजिली के श्रीनगर और दिल्ली में परिसरों पर छापेमारी की गयी थी. महबूबा को ईडी के समन की आलोचना करते हुए गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई से जम्मू कश्मीर में हालात सुधारने में मदद नहीं मिलेगी.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र को प्रतिशोध की इस तरह की कार्रवाई को बंद करना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए.

(इनपुट: भाषा)