नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या को एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और 12500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को जब्त करने के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऑर्डिनेंस के तहत आवेदन किया है. भारत ने एक नए कानून के तहत बड़े बैंक ऋण डिफॉल्टरों पर नकेल कसने की दिशा में शुक्रवार को पहला कदम उठा लिया. ईडी ने विजय माल्या  को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने और  उसकी 12,500 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. नए अध्यादेश के तहत, एजेंसी जल्द ही भगोड़े आभूषण कारोबारी नीरव मोदी, उसके चाचा मेहुल चोकसी समेत अन्य बड़े बैंक ऋण डिफॉल्टरों के खिलाफ भी इस तरह का कदम उठाने वाली है.Also Read - UP Election 2022: तीसरे व चौथे चरण के लिए उम्मीदवारों के नाम पर BJP में मंथन, चार घंटे चली मीटिंग

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अध्यादेश से सभी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार
अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने हाल ही में अमल में आए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत मुंबई की विशेष अदालत में आवेदन किया है. यह अध्यादेश कर्ज नहीं चुकाने वाले भगोड़ों की सभी संपत्ति जब्त करने का अधिकार देता है. इस आवेदन में ईडी ने विजय माल्या की संपत्तियां जब्त करने की मांग की है. इनमें वे संपत्तियां भी शामिल हैं, जिनपर माल्या का परोक्ष नियंत्रण है. आवेदन में कहा गया है कि इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 12,500 करोड़ रुपए है. इनमें अचल संपत्तियां और शेयरों जैसी चल संपत्तियां शामिल हैं. Also Read - Punjab Election 2022: पंजाब में पहली बार 'बड़े भाई' की हैसियत से चुनाव लड़ेगी बीजेपी, सीटों का बंटवारा बाकी

पुराने कानून में होती लंबी देरी
पीएमएलए के तहत कानून की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद ही संपत्तियों को जब्त कर सकती है, जिसमें आमतौर पर कई वर्ष लगते हैं.

नीरव मोदी-मेहुल चोकसी के खिलाफ भी यही कदम
अध्यादेश पर अमल करने के लिए प्राधिकृत ईडी ने इसके तहत यह पहला मामला दायर किया है. एजेंसी जल्दी ही भगोड़े आभूषण कारोबारी नीरव मोदी, उसके चाचा मेहुल चोकसी समेत अन्य बड़े बैंक ऋण डिफॉल्टरों के खिलाफ भी इस तरह का कदम उठाने वाली है.

9000 हजार करोड़ रुपए का मामला
यह कदम नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक के दो बैंक ऋण की राशि का हेर – फेर करने के मामले में उठाया गया है. इन दो बैंक ऋण में आईडीबीआई बैंक और एसबीआई की अगुआई वाला बैंक समूह शामिल हैं.

माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने की कोशिश
प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पहले दायर किए गए दो आरोप पत्रों में प्रस्तुत किए साक्ष्यों के आधार पर माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की अदालत से मांग की है. माल्या ने मनी लॉन्डरिंग (धनशोधन) निवारण कानून के तहत अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लंदन की अदालत में चुनौती दी है. भारत माल्या को वापस लाने का कानूनी प्रयास कर रहा है. (इनपुट-एजेंसी)