नई दिल्ली: भ्रष्‍ट्राचार, मनी लॉन्‍डरिंग जैसे मामले में जेल की सलाखों के पीछे जा चुके कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, कर्नाटक के नेता डी. शिवकुमार के बाद अब लग रहा है कि जेल जाने का नंबर कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा का है. प्र वर्तन निदेशालय अब मनी लॉन्‍डरिंग के मामले में राबर्ट वाड्रा को गिरफ्तार करने की तैयारी है. ईडी ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ किए जाने की आवश्यकता है, क्योंकि धन के लेन-देन की कड़ियों से उनका सीधा संबंध है. Also Read - West Bengal Assembly Election: कांग्रेस का ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर, कहा- पश्चिम बंगाल में मिलकर चुनाव लड़े TMC, बीजेपी से...

ईडी ने न्यायमूर्ति चंद्र शेखर के सामने कहा कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ धनशोधन मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. वाड्रा के वकील ने ईडी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी जब कभी उनके मुवक्किल को बुलाती है, वह उसके सामने पेश होते हैं और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है. Also Read - कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका भी हुए शामिल, कहा- पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही बीजेपी

वकील ने यह भी कहा कि ईडी ने जो प्रश्न किए, उनके मुवक्किल ने उनका उत्तर दिया और उन पर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं करने का यह अर्थ नहीं है कि वह सहयोग नहीं कर रहे हैं. Also Read - राहुल गांधी की अपील- पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते जा रहे दाम, किसान भी परेशान, सरकार के खिलाफ 'सत्याग्रह' में शामिल हों लोग

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले पर अंतिम बहस के लिए पांच नवंबर की तिथि तय की. निचली अदालत ने वाड्रा को अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसे ईडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. वाड्रा पर लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित 17 करोड़ रुपए की संपत्ति की खरीदारी में धनशोधन का आरोप है.