Corona और Lockdown से फीकी पड़ी ईद की रंगत, नहीं सजे बाजार, त्योहार में सूनी पड़ी सड़कें

सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग ईदगाह जाने से भी कतरा रहे हैं और कई जगह पहले ही मस्जिद बंद रखी गई है.

Published: May 24, 2020, 9:06 AM IST

नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से इन दिनों ऐसे हालात हैं कि लोग जरूरी कामों के लिए भी घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं. लोग इस कोशिश में लगे हैं कि उन्हें किसी भी हालत में किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क में ना आना पड़े. ऐसे में यह पहली बार होगा जब ईद (Eid 2020) इतने फीके अंदाज में मनेगी. महामारी के साए में इस बार ना तो बाजारों में पहले सी भीड़ देखने को मिल रही है और ना ही अब लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दे पाएंगे.

सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग ईदगाह जाने से भी कतरा रहे हैं और कई जगह पहले ही मस्जिद बंद रखी गई है. लेकिन, इस लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा दुखी वे छोटे व्यवसायी और दुकानदार हैं, जिनकी आमदनी इस महामारी की वजह से काफी प्रभावित हुई है.

दिल्ली के दरियागंज इलाके में सब्जी और फलों के ठेले लगाने वालों की मानें तो इस बार रमजान के माह और त्योहार पर पहले सी रंगत देखने को नहीं मिल रही. COVID-19 के चलते इस पहले के सालों की तुलना में इस बार उनका व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ा है. महामारी के चलते ना तो उनकी कमाई पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है.

कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन को देखते हुए कोची में जमुना मस्जिद को नमाजियों के लिए बंद रखा गया है. महामारी के चलते होशियारपुर में जालंधर रोड स्थित जामा मस्जिद को भी बंद रखा जाएगा. ऐसे में हजारों की संख्या में मस्जिद में जुटने वाले मुस्लिम भाइयों को अब अपने-अपने घरों पर रहकर ही नमाज अदा करना होगा. ऐसे में शायद यह पहली बार होगा, जब ईद के मौके पर लोगों को घरों पर रहकर ही नमाज पढ़ना होगा. वहीं केरल के कोच्चि में भी कई मस्जिदें लॉकडाउन की वजह से बंद रहीं.

कोरोना वायरस के फैलने के डर से पहले ही मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक है. ऐसे में मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ भी नहीं जुटेगी. बता दें देश में अभी तक कोरोना वायरस के 1 लाख 25 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 51,784 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं तो वहीं 3,720 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. देश में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. जहां संक्रमितों की संख्या 45 हजार के करीब पहुंचने वाली है.

संबंधित खबरे

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.