नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से इन दिनों ऐसे हालात हैं कि लोग जरूरी कामों के लिए भी घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं. लोग इस कोशिश में लगे हैं कि उन्हें किसी भी हालत में किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क में ना आना पड़े. ऐसे में यह पहली बार होगा जब ईद (Eid 2020) इतने फीके अंदाज में मनेगी. महामारी के साए में इस बार ना तो बाजारों में पहले सी भीड़ देखने को मिल रही है और ना ही अब लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दे पाएंगे. Also Read - Mask Kills Coronavirus: पुणे में बनकर तैयार हुआ कोरोना वायरस को खत्म करने वाला मास्क, जानिए कैसे करता है काम

सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग ईदगाह जाने से भी कतरा रहे हैं और कई जगह पहले ही मस्जिद बंद रखी गई है. लेकिन, इस लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा दुखी वे छोटे व्यवसायी और दुकानदार हैं, जिनकी आमदनी इस महामारी की वजह से काफी प्रभावित हुई है. Also Read - West Bengal Unlock: पश्चिम बंगाल में 1 जुलाई तक बढ़ीं पाबंदियां, शॉपिंग मॉल और दुकानों को खोलने की मिली इजाजत | देखें गाइडलाइन

दिल्ली के दरियागंज इलाके में सब्जी और फलों के ठेले लगाने वालों की मानें तो इस बार रमजान के माह और त्योहार पर पहले सी रंगत देखने को नहीं मिल रही. COVID-19 के चलते इस पहले के सालों की तुलना में इस बार उनका व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ा है. महामारी के चलते ना तो उनकी कमाई पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है. Also Read - जल्द आएगी बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन, AIIMS में कल से शुरू होगा कोवैक्सीन के परीक्षण के लिए नामांकन

कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन को देखते हुए कोची में जमुना मस्जिद को नमाजियों के लिए बंद रखा गया है. महामारी के चलते होशियारपुर में जालंधर रोड स्थित जामा मस्जिद को भी बंद रखा जाएगा. ऐसे में हजारों की संख्या में मस्जिद में जुटने वाले मुस्लिम भाइयों को अब अपने-अपने घरों पर रहकर ही नमाज अदा करना होगा. ऐसे में शायद यह पहली बार होगा, जब ईद के मौके पर लोगों को घरों पर रहकर ही नमाज पढ़ना होगा. वहीं केरल के कोच्चि में भी कई मस्जिदें लॉकडाउन की वजह से बंद रहीं.

कोरोना वायरस के फैलने के डर से पहले ही मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक है. ऐसे में मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ भी नहीं जुटेगी. बता दें देश में अभी तक कोरोना वायरस के 1 लाख 25 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 51,784 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं तो वहीं 3,720 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. देश में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. जहां संक्रमितों की संख्या 45 हजार के करीब पहुंचने वाली है.