पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 7,434 ऊंची नंदा देवी की पूर्वी चोटी पर चढ़ाई कर रहा आठ विदेशी पर्वतारोहियों का एक दल अपने पर्वतीय मार्ग से लापता हो गया है. इस दल में सात विदेशी और एक भारतीय नागरिक हैं. Also Read - Bihar: सोनिया गांधी-मायावती को मिले भारत रत्न, नीतीश कुमार ने कसा तंज-पहले ही दिलवा देते...

Also Read - Love Jihad Law: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और उत्तराखंड के 'लव जिहाद' कानून पर रोक लगाने से इनकार किया, राज्य सरकारों को भेजा नोटिस

  Also Read - उत्तराखंड: दून अस्पताल में भर्ती कराए गए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, कुछ दिन पहले हुआ था कोरोना

इस टीम का नेतृत्व मशहूर ब्रिटिश पर्वतारोही मार्टिन मोरन कर रहे थे और इनके साथ के पर्वतारोहियों में ब्रिटेन के तीन, अमेरिका के दो और ऑस्ट्रेलिया के एक नागरिक शामिल थे, जबकि आठवां व्यक्ति भारतीय पर्वतारोहण संस्थान का अधिकारी था. यह दल 13 मई को पिथौरागढ़ के निकट मुनस्यारी से निकला था. इन्हें चोटी पर चढ़ाई के बाद 25 मई को ही आधार शिविर वापस लौटना था. मोरन के अलावा ब्रिटेन के जॉन मैक्लॉरेन, रिचर्ड पायने, रूपर्ट हावेल हैं. अमेरिका के एंथनी सुडेकम और राचेल बिम्मेल, आस्ट्रेलिया के रूथ मैक्रेन और भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के चेतन पांडे शामिल हैं. पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वीके जोगदांडे ने यह जानकारी दी.

विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर ‘ट्रैफिक जाम’, दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत

25 मई से लापता है दल

उन्होंने पत्रकारों को शनिवार को बताया कि यह दल 25 मई से लापता है. इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस के अलावा 14 सदस्यीय एक राहत और खोज दल मुनस्यारी से भेजा गया है. इस टीम में राज्य आपदा मोचन बल, चिकित्सक, राजस्व पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों को शामिल किया गया है. जिलाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम देहरादून से हेलीकॉप्टर से हवाई निरीक्षण के लिए भी रवाना हुई है लेकिन मौसम खराब होने की वजह से राहत अभियान प्रभावित हुआ है. (इनपुट एजेंसी)