नई दिल्लीः केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन को लागू करने के लिए आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य हर वर्ष कम आय वर्ग वाले दस करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है. इस राज्यों में यूपी, एमपी और बिहार भी शामिल हैं. आयुष्मान भारत मिशन को अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की स्वास्थ्य बीमा योजना ‘ओबामा केयर’ के तर्ज पर मोदी केयर कहा जा रहा है. Also Read - बड़ी खुशखबरी: अब गरीब ही नहीं, 'the missing middle' तक पहुंचेगी आयुष्मान भारत योजना

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चार राज्यों दिल्ली, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल ने कार्यक्रम लागू करने के लिए अभी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है. उन्होंने कहा कि इन राज्यों के साथ विचार-विमर्श जारी है. Also Read - Ayushman Bharat Yojana: अभी तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने नि:शुल्क इलाज का लाभ उठाया

आयुष्मान भारत लागू करने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले आठ राज्यों में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं. चार केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ शामिल है. अधिकारी ने कहा कि समझौते पर जल्द हस्ताक्षर करने वालों में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, केरल, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और तमिलनाडु हैं. Also Read - Covid-19: आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का इन अस्पतालों में फ्री में होगा कोरोना का इलाज और जांच

प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को इस योजना की शुरुआत कर सकते हैं. सहमति पत्र के माध्यम से राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रम को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे. सहमति पत्र में योजना को लागू करने में केंद्र और राज्यों तथा केंद्र शासित क्षेत्रों की भूमिका का वर्णन होगा. अन्य राज्यों के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए पूरे भारत में क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करने की योजना है.