नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में एक सनसनीखेज तिहरा हत्‍याकांड सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपत्ति (पति-पत्‍नी) और उनकी घरेलू नौकरानी की हत्‍या कर दी गई है. पुलिस ने जानकारी दी है कि दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में एक घर से रविवार सुबह बुजुर्ग दंपति और उनकी घरेलू सहायिका के शव मिले हैं.

साउथ वेस्‍ट दिल्‍ली पुलिस के डीसीपी देवेंद्र आर्य ने वसंत विहार में हुए तिहरे हत्‍याकांड पर कहा कि शुरुआती तौर पर लगता है कि कुछ भी लूटा नहीं गया है और लगता है कि घर में किसी की फेंडली इंट्री हुई है. डेड बॉडीज को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा गया है. मामले की जांच जारी है. डीसीपी के इस बयान से हत्‍या की शक परिचितों की ओर जा रहा है. अधिकारी ने कहा, “हमें संदेह है कि वारदात करने वाले इस परिवार को जानने वाले लोग थे. वे किसी बहाने घर में घुसे और तीनों का कत्ल कर दिया. या यह भी हो सकता है कि वे लोग खुशबू के परिचित हों. सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध बाइक देखी है. हम पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि यह बाइक किसकी है.

पुलिस इसे हत्या का मामला मान रही है. पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान विष्णु माथुर और शशि माथुर के रूप में हुई है, जबकि घरेलू सहायिका की पहचान खुशबू के रूप में हुई. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिमी) देवेन्दर आर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच जारी है.

पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्य ने कहा, “दंपति की दूसरी नौकरानी ने बताया कि जब वह सुबह आई तो दरवाजा बाहर से बंद था. उसने घर में प्रवेश किया तो देखा कि दंपति और उनकी नौकरानी जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे.” माथुर दंपति के शव उनके बिस्तर पर पड़े थे, जबकि नौकरानी का शव ड्रॉइंग रूम में पाया गया.

अधिकारी ने कहा, “हमारी जांच कहती है कि हत्यारा या हत्यारे रविवार सुबह कोई बहाना बनाकर घर में घुसे और अपराध को अंजाम दिया. अगर लूटपाट की नीयत से हत्याएं की गई होतीं तो घर में सामान बिखरा पड़ा होता, मगर ऐसा नहीं था. हम हर संभव दृष्टिकोण से मामले की जांच कर रहे हैं.”

विष्णु माथुर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे और शशि माथुर पहले नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) में काम करती थीं. यह दंपति 18 साल से बसंत गांव में रह रहा था.

मामले की जांच कर रहे एक अन्य पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “शशि माथुर के एक पैर में फ्रैक्चर था. वह दो साल से चल नहीं पा रही थी. खुशबू झारखंड की थी. दंपति ने उसे एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए छह महीने पहले काम पर रखा था.”

इस दंपति के इकलौते बेटे की मौत 35 साल पहले एक सड़क हादसे में हो गई थी. उनकी बेटी अनिता दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहती है. अपनी मां का इलाज कराने वही ले जाती थी.