नई दिल्ली| चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी की जा सकने की चुनौती को स्वीकार कर इसे गलत साबित करने की तैयारी कर ली है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कुछ दिन पहले ही बताया था कि ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों पर 12 मई को होने वाली सर्वदलीय बैठक के बाद आयोग राजनीतिक दलों को मशीनों में सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने के दावे को सही साबित करने का मौका देगा.

ईवीएम पर विपक्ष खास तौर पर आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के लगातार आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने शुक्रवार को सभी दलों की बैठक बुलाई है. इसमें सभी दलों की शिकायतों और सुझावों पर चर्चा होगी. हालांकि आप ने इस बैठक को नाकाफी बताते हुए ये कहा है कि इसमें ईवीएम में गड़बड़ी साबित करने की इजाजत भी दी जानी चाहिए. इसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या विपक्ष को उसके सवालों के जवाब मिलेंगे. आप और बीएसपी की आवाज में कांग्रेस और सपा ने भी सुर मिलाए हैं.

पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी सहित 16 दलों ने ईवीएम से छेड़छाड़ करने की आयोग से शिकायतें की थीं. इतना ही नहीं आप नेता अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम के सॉफ्टवेयर को हैक करने की आयोग को चुनौती देते हुए उनके विशेषज्ञों को ऐसा करने का एक मौका देने की आयोग से मांग की थी.

अधिकारी ने कहा था कि सर्वदलीय बैठक में अव्वल तो आयोग शिकायतकर्ता दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं कर सकने के प्रति तर्क और सबूतों से आश्वस्त करेगा लेकिन फिर भी अगर किसी के मन में कोई शक रह जाता है तो फिर इसके लिए मिलने वाली हर चुनौती को सही साबित करने का मौका दिया जाएगा. इसकी तारीख बैठक के बाद तय की जाएगी.

आप की मांग
वहीं आम आदमी पार्टी ने मांग की कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ के आरोपों पर गौर करने के लिए चुनाव आयोग के नेतृत्व में सर्वदलीय समिति बनाई जाए. नौ मई को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसे एक उपकरण में छेड़छाड़ हो सकने का प्रदर्शन करने वाले आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समिति में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि होने चाहिए.

आप ने पंजाब और गोवा विधानसभा तथा हालिया एमसीडी चुनावों में उसके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ईवीएम का मुद्दा उठाया है. आप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज यहां चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और आगामी चुनावों में वीवीपीएटी युक्त ईवीएम इस्तेमाल करने की मांग की.