नई दिल्ली. आपको याद होगा कि पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग द्वारा इस चुनाव की अधिसूचना घोषित करने से पहले ही कुछ नेताओं ने चुनाव-कार्यक्रम की सूची सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी कर दी थी. कर्नाटक में चुनाव कब होंगे, इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग बाद में दे पाया, विभिन्न दलों के नेताओं ने अति-उत्साह में आकर चुनाव की सूचना पहले ही ‘लीक’ कर दी थी. ऐसे में लोकसभा चुनाव की धमक तो और भी बड़ी है. जाहिर है कि इन्हीं वजहों से सोशल मीडिया यूजर्स अगले कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव की जानकारी शेयर करने लगे हैं. यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए जितना अहम है, उतना ही महत्व इसका आम लोगों के लिए भी होता है.

एक तरफ जहां विभिन्न पार्टियां अपने-अपने तरीके से चुनाव अभियान में जुटी हुई हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया पर चुनाव से जुड़ी खबरें धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं. यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों से लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. निर्वाचन आयोग को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली, उसने तत्काल इस फर्जी खबर पर संज्ञान लिया है.

चुनाव आयोग ने हाल ही में लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की फर्जी खबर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने के मामले में संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को इसकी जांच कराने के लिए दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है. आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इस तरह की अफवाहें फैलाने पर रोक लगाने के लिए सीईओ को उपयुक्त कानून के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने को भी कहा गया है. उल्लेखनीय है कि आगामी लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की फर्जी खबर पिछले एक सप्ताह से फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप के माध्यम से फैलाई जा रही है. आयोग के सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को सीईओ कार्यालय से दिल्ली पुलिस को भेजे पत्र में इस मामले की जांच कर उपयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया है.

(इनपुट – एजेंसी)