एक ओर जहां विपक्ष  ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ का इलज़ाम  लगाया है तो वहीं चुनाव आयोग ने बेबुनियाद बताते हुए ईवीएम का खुलकर समर्थन किया है. चुनाव आयोग ने लोगों को ईवीएम हैक करने की ‘‘खुली चुनौती’’ दी. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ की आशंका को लेकर विपक्ष की आशंकाओं और फिर से मतपत्रों के जरिये चुनाव कराने की उसकी मांग के बाद आयोग ने यह कदम उठाया है.

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘मई के पहले हफ्ते से विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और तकनीकविद् एक हफ्ते या 10 दिन के लिये आकर मशीनों को हैक करने की कोशिश कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह चुनौती एक हफ्ते या 10 दिन के लिये रहेगी और इसमें विभिन्न स्तर होंगे.

आयोग ने 2009 में भी ऐसी ही चुनौती पेश की थी और दावा किया कि कोई भी ईवीएम को हैक नहीं कर सका था.

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बार-बार ईवीएम मशीन पर सवाल उठाये है. इस बीच बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में मुख्य विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का मुद्दा भी उठाया. उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिली हार के बाद बहुजन पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी ईवीएम मशीन पर सवाल खड़े किये थे.

With PTI Inputs