नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को विपक्षी नेताओं की उस अपील पर निर्वाचन आयोग से प्रतिक्रिया मांगी जिसमें उन्होंने लोकसभा चुनावों के परिणामों की घोषणा होने से पहले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम के वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) की 50 फीसदी पर्चियों की गिनती करने की मांग की है.

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने विपक्षी नेताओं की अपील पर सुनवाई 25 मार्च को नियत की और निर्वाचन आयोग से अदालत की सहायता करने के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने को कहा. पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी हैं.

विपक्षी नेताओं ने की है मांग
लोकसभा चुनावों के परिणामों की घोषणा होने से पहले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम के वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) की 50 फीसदी पर्चियों की गिनती करने की मांग कई विपक्षी नेताओं ने की है. इनमें आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं.