पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे. इसके तहत त्रिपुरा में 18 फरवरी और मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा, जबकि तीनों राज्यों में चुनाव परिणाम एक साथ तीन मार्च को घोषित किए जाएंगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए के जोती ने तीनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुये यह जानकारी दी. निर्वाचन आयुक्त ओ पी रावत और सुनील अरोरा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जोती ने बताया कि तीनों राज्यों में आज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी. Also Read - PM मोदी ने नए साल पर गरीबों को सस्‍ते मकानों का द‍िया ग‍िफ्ट, बोले- ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस की तरह हैं

उन्होंने बताया कि पहले चरण में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिये निर्वाचन प्रक्रिया 24 जनवरी को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ ही शुरू होगी। इसी दिन से उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे. राज्य में नामांकन की अंतिम तिथि 31 जनवरी होगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच एक फरवरी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि तीन फरवरी नियत की गई है. राज्य की 60 विधानसभा सीटों के लिये 18 फरवरी को मतदान होगा. Also Read - मणिपुर की सुप्रसिद्ध दजुकोउ घाटी में लगी भीषण आग, कोहिमा से आ रही नजर

जोती ने बताया कि दूसरे चरण में मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना 31 जनवरी को जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी. दोनों राज्यों में नामांकन की अंतिम तिथि सात फरवरी, नामांकन पत्रों की जांच आठ फरवरी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 12 फरवरी तय की गई है. दोनों राज्यों में विधानसभा की 60-60 सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा.

उन्होंने बताया कि तीनों राज्यों में मतगणना तीन मार्च को होगी, जबकि चुनाव प्रक्रिया पांच मार्च तक पूरी कर ली जाएगी. जोती ने बताया कि इन राज्यों में निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. तीनों राज्यों में वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराया जाएगा.

मेघालय विधानसभा का कार्यकाल छह मार्च को, नगालैंड विधानसभा का 13 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च को पूरा हो रहा है। त्रिपुरा में वाम मोर्चा, नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट की अगुवाई वाले गठबंधन और मेघालय में कांग्रेस की सरकार है.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

-तीन राज्यों में दो चरणों में मतदान

-त्रिपुरा में दो चरणों में होगा मतदान

-त्रिपुरा में 18 फरवरी को पहले चरण का मतदान

-मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को वोटिंग

-मेघालय और नगालैंड में दूसरे चरण में होगा मतदान

-3 मार्च को नतीजे आएंगे

-तीनों राज्य में आज से ही चुनाव आचार संहित लागू.

-हर विधानसभा में 60 केंद्रों पर वीवीपैट का इस्तेमाल

-उम्मीदवार के खर्च की सीमा 20 लाख रुपये

-संवेदनशील बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे

तीनों राज्यों में 60-60 सीटें

प्रत्येक राज्य (त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड) में 60-60 विधानसभा सीटें हैं. वहीं, इन तीनों राज्यों का विधानसभा कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है. ऐसे में फरवरी में चुनाव होने की संभावना है. राजनीतिक दृष्टि से ये 3 राज्य भले ही बेहद अहम न हों लेकिन देश के वर्तमान हालात ने हर चुनाव को बड़ा बना दिया है.

नागालैंड में नागाल पीपल्स फ्रंट की सत्ता है. इस सरकार को बीजेपी का समर्थन प्राप्त है. वहीं, मेघालय में कांग्रेस की सरकार है और त्रिपुरा में सीपीएम की अगुवाई वाला वाममोर्चा राज्य में 1993 से सत्ता में है. हाल में, कांग्रेस के अध्यक्ष बने राहुल गांधी के लिए ये चुनाव चुनौती के तौर पर है. मेघालय में बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी है. साथ ही त्रिपुरा में इंडिजिनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ सकती है.

कांग्रेस को चुनाव से पहले झटका
शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले ही घोषणा की है कि आगामी राज्य विधानसभा चुनाव वह अकेले लड़ेगी और कम से कम 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. एनसीपी के महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि कुछ सीटों पर पार्टी का क्षेत्रीय दलों के साथ चुनावी गठबंधन हो सकता है. उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी.