दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग ने राजधानी के तीनों नगर निगमों के चुनाव के लिए 22 अप्रैल को मतदान कराने की मंगलवार को घोषणा कर दी। आयोग ने हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निगम चुनाव में मतदान मतपत्र से कराए जाने की मांग खारिज कर दी।

केजरावील ने हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद कई केंद्रीय नेताओं द्वारा ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग से नगर निगम के चुनाव के लिए मतदान ईवीएम के बजाय मतपत्र के जरिए कराने के लिए कहा था।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने भी आयोग को पत्र लिखकर यह मांग उठाई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस पर कहा कि केजरीवाल और माकन को यदि ईवीएम पर भरोसा नहीं है तो केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा चुनाव फिर से मतपत्र के जरिए कराना चाहिए और माकन को कांग्रेस नेताओं से पंजाब में मतपत्र के जरिए दोबारा चुनाव कराने के लिए कहना चाहिए।

तिवारी ने कहा कि माकन और केजरीवाल की मतपत्र के जरिए मतदान कराने की मांग उनकी हताशा और निकाय चुनाव में हारने की आशंका को दर्शाता है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त एस. के. श्रीवास्तव ने उत्तरी, दक्षिणी एवं पूर्वी दिल्ली नगर निगमों के लिए मतदान की तारीख घोषित करते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम के कुल 272 वार्डो में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए ही होगा। उन्होंने कहा कि अगर मतपत्र के जरिए मतदान कराना है, तो कुछ नियमों में संशोधन करना होगा। ईवीएम को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि ईवीएम को ध्यान में रखकर ही चुनाव की तैयारियां की गई हैं।

आयोग के अनुसार, मतगणना 25 अप्रैल को होगी। नामांकन 27 मार्च से तीन अप्रैल तक दाखिल होंगे, जबकि आठ अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। चुनाव तारीख की घोषणा के साथ ही दिल्ली में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।