
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
मध्य प्रदेश में नए साल 2026 की शुरुआत बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का करंट लेकर आ सकती है. हाल ही में आई खबरों के अनुसार, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (मध्यक्षेत्र डिस्कॉम) ने मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित टैरिफ पिटीशन में बड़ा बदलाव सुझाया है. इसमें बिजली बिलिंग का फॉर्मूला किलोवाट (kW) से बदलकर किलो वोल्ट एम्पियर (kVA या kVAh) आधारित करने का प्रस्ताव शामिल है. इस बदलाव से कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल 15% तक बढ़ सकता है. यह खबर भोपाल सहित पूरे राज्य के लाखों उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है.
वर्तमान में ज्यादातर घरेलू और कुछ कमर्शियल उपभोक्ताओं का बिल एक्टिव पावर (kWh) के आधार पर बनता है, जो वास्तविक उपयोग की गई बिजली को मापता है. लेकिन प्रस्तावित बदलाव में अपैरेंट पावर (kVAh) को आधार बनाया जाएगा. kVAh में एक्टिव पावर के साथ-साथ रिएक्टिव पावर भी शामिल होती है, जो बिजली की सप्लाई में अनुपयोगी हिस्सा होती है. पावर फैक्टर (PF) = एक्टिव पावर / अपैरेंट पावर.
अगर पावर फैक्टर 1 के करीब है (यानी अच्छी क्वालिटी की वायरिंग, उपकरण और कैपेसिटर लगे हैं), तो बिल पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. लेकिन अगर पावर फैक्टर कम है (जैसे पुरानी वायरिंग, खराब उपकरण या इंडक्टिव लोड ज्यादा होने से), तो kVAh यूनिट्स kWh से ज्यादा होंगी, जिससे बिल 10-15% तक बढ़ सकता है.
कंपनी का तर्क है कि पिछले 15 सालों में तकनीकी लॉस (लाइन लॉस) कम करने के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं – जैसे HVDS सिस्टम, नई लाइन्स, फीडर सेपरेशन और ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाना. ये लॉस औसतन 15% थे, जो अब उपभोक्ताओं की जेब पर शिफ्ट हो सकते हैं. कंपनी इसे “पिछले दरवाजे से दर बढ़ाने” का तरीका बता रही है, लेकिन विशेषज्ञ इसे बिजली दक्षता बढ़ाने का कदम मानते हैं.
भोपाल जैसे शहरी क्षेत्रों में 33 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव. पुराने घरों, अपार्टमेंट्स या कमर्शियल प्रतिष्ठानों में जहां वायरिंग पुरानी है या कैपेसिटर नहीं लगे, बिल सबसे ज्यादा बढ़ेगा.
घरेलू उपभोक्ता: लापरवाही से बिजली इस्तेमाल करने वालों (जैसे पुराने एसी, फ्रिज, मोटर आदि) का बिल बढ़ेगा.
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल: पहले से ही कुछ कैटेगरी में kVAh बिलिंग है, लेकिन नए प्रस्ताव से और कैटेगरी शामिल हो सकती हैं.
मध्यक्षेत्र के एमडी क्षितिज सिंघल ने कहा कि कंपनी ने ARR (एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट) प्रस्ताव आयोग को सौंपा है, जिसमें कई सुझाव हैं. अंतिम फैसला आयोग का होगा.
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