नई दिल्ली: केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये बंद (लॉकडाउन) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें. एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई. Also Read - COVID-19: आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 करोड़ रुपये दिए दान, कमेंट करने से खुद को नहीं रोक पाए वॉर्नर

केंद्र और राज्य सरकारों ने रविवार को देश भर के ऐसे 80 जिलों को 31 मार्च तक पूर्ण बंद करने का फैसला किया था जहां कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं. Also Read - लॉकडाउन: चोरी-छिपे बेची जा रही शराब, 200 की बोतल 2000 रुपए तक में खरीद रहे पीने वाले

खतरनाक कोविड-19 के प्रसार को रोकने के मद्देनजर यह सहमति बनी थी कि गैर जरूरी यात्री परिवहन को तत्काल प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है. दिल्ली में 23 मार्च सुबह छह बजे से 31 मार्च की मध्यरात्रि तक बंदी रहेगी. कुछ अन्य प्रदेशों ने भी बंद को लागू किया है. Also Read - Coronavirus: देश में 24 घंटे में 20 लोगों समेत अब तक कुल 169 जानें गईं, संक्रमित 5865

बंद के दौरान दिल्ली की सीमाएं सील रहेंगी, हालांकि स्वास्थ्य, खाद्य सामग्री, पानी और बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी. बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिये डीटीसी की 25 प्रतिशत बसें भी सड़कों पर रहेंगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इससे पहले राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोरोना वायरस के बंद से जुड़े नियम-कायदों का सख्ती से पालन हो, क्योंकि उन्होंने यह नोट किया कि बहुत से लोग इन उपायों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

पीएम ने एक ट्वीट में कहा, ”लॉकडाउन को कई लोग अब भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचायें, अपने परिवार को बचायें, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वे नियम और कानूनों का पालन करवाएं.”