नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग (धन शोधन) मामले में शनिवार को चार्जशीट दाखिल की. बता दें कि इस मामले में वीरभद्र सिंह भी आरोपी हैं. विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मामले की सुनवाई की तारीख 24 जुलाई तय की और कहा कि उसी समय यह तय किया जाएगा कि क्या इस संबंध में अंतिम रिपोर्ट का संज्ञान लिया जाए अथवा नहीं.

वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी भी हैं आरोपी
विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा और एन के मट्टा द्वारा दाखिल इस चार्जशीट में तारणी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक वकमुला चंद्रशेखर और एक अन्य राम प्रकाश भाटिया का नाम भी है. चंद्रशेखर और भाटिया दोनों इस संबंध में सीबीआई द्वारा दाखिल मामले में भी आरोपी हैं. इनके साथ वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह तथा अन्य भी आरोपी हैं.

अधिवक्ता ए आर आदित्य द्वारा दाखिल कराई गई प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में 83 साल के वीरभद्र सिंह और उनकी 62 साल की पत्नी प्रतिभा के अलावा यूनिवर्सल एप्पल एसोसिएशन के मालिक चुन्नी लाल चौहान, जीवन बीमा निगम के एजेंट आनंद चौहान और दो अन्य सहआरोपी प्रेम राज और लावन कुमार रोच का भी नाम है.

आनंद चौहान को निदेशालय ने नौ जुलाई 2016 को धनशोधन निरोधक अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था लेकिन बाद में दो जनवरी को उन्हें जमानत दे दी गई. इस संबंध में सीबीआई द्वारा दायर एक अन्य मामले में भी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, चौहान और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है.

उक्त दोनों ही मामलों में वीर भद्र सिंह व उनकी पत्नी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि अन्य आरोपी सीबीआई द्वारा दाखिल मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं. (इनपुट एजेंसी)