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INX मीडिया केस: कोर्ट ने पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में पूछताछ के लिए भेज दिया.
नयी दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में पूछताछ के लिए भेज दिया. अदालत ने ईडी से कहा है कि प्रत्येक 48 घंटे में उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया जाए और उन्हें 24 अक्टूबर को अदालत के समक्ष उपस्थित किया जाए.
Court has allowed the application of Congress leader P Chidambram, seeking western toilet, home cooked food and medicine. Application for separate cell has also been allowed by the court during the period of the custody by Enforcement Directorate. https://t.co/2aZwPqH3wx
— ANI (@ANI) October 17, 2019
विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने ईडी को चिदंबरम से पूछताछ की इजाजत दे दी और साथ ही चिदंबरम को ईडी की हिरासत के दौरान घर के बने खाने, पश्चिमी शैली के शौचालय, दवाओं के इस्तेमाल और परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति दी. इससे पहले जब चिदंबरम ने इन सुविधाओं के लिए अनुरोध किया तो ईडी ने उस पर कोई आपत्ति नहीं की. जांच एजेंसी ने 74 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता को 14 दिनों की हिरासत में दिए जाने का अनुरोध किया था. अपने आदेश में अदालत ने कहा कि मामला लगातार चल रहा है और छह सितंबर से अब तक कुछ गवाहों से पूछताछ की गई और ताजा सामग्री रिकॉर्ड में लाई गई. इसमें कहा गया कि पूछताछ, जांच अधिकारी का विशेषाधिकार है. यह उन्हें तय करना है कि किसी व्यक्ति को कब गिरफ्तार किया जाए और कब हिरासत में पूछताछ की जाए ताकि इसका नतीजा मिल सके. न्यायालय जांच अधिकारी के इस विवेकाधिकार का सम्मान करता है कि वह किस तरीके से जांच करेगा.
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने कभी भी आरोपी से पूछताछ करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया, जब वह सीबीआई के मामले में न्यायिक हिरासत में थे. उन्होंने कहा कि जिन गवाहों से पूछताछ की गई, निश्चित रूप से वे पहले भी उपलब्ध रहे होंगे क्योंकि मामला काफी पहले 18 मई 2017 को दर्ज किया गया था. इन गवाहों से पहले पूछताछ की जा सकती थी, लेकिन मैं फिर कहूंगा कि जांच अधिकारी यह तय करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्ति हैं कि कब पूछताछ करें और किस गवाह से (पूछताछ) करें न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि मेरी राय है कि ईडी को उस समय का इस्तेमाल करना चाहिए था जब आरोपी सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत में थे. हालांकि उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इसी आधार पर ईडी को आरोपी से पूछताछ करने की अनुमति देने से इनकार नहीं कर सकते हैं.
ईडी की तरफ से पेश हुए सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि छह सितंबर से एजेंसी ने 12 गवाहों से पूछताछ की और अंतिम पूछताछ नौ अक्टूबर को हुई. साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान ईडी कुछ अतिरिक्त सबूत जमा कर रही थी. चिदंबरम की तरफ से उपस्थित हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ईडी की याचिका का विरोध किया और कहा कि जब आरोपी ने पांच सितंबर को आत्मसमर्पण कर दिया था, तो ईडी ने पूछताछ के लिए उन्हें गिरफ्तार करना उचित नहीं समझा. उन्होंने कहा कि सीबीआई मामले में आरोपी की हिरासत की अवधि (गिरफ्तारी से 60 दिन) खत्म होने वाली है, इसलिए उनकी हिरासत को बढ़ाने के लिए ईडी इस आवेदन को आगे बढ़ा रही है. अदालत ने बुधवार को आएएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में चिंदबरम के अदालत में हाजिर होने के लिए वारंट जारी किया था.
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