Prakash-Javadekar-3नई दिल्ली, 10 जनवरी| केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कहा कि सरकार इस मंत्रालय की ‘रोड़ा अटकाने वाली’ छवि को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है और बिना किसी नुकसान के विकास को सुनिश्चित करेगी। इंडियन वूमेन्स कॉर्प्स में महिला संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जावड़ेकर ने कहा, “मुझे विरासत में पर्यावरण मंत्रालय की नकारात्मक छवि मिली थी। मेरे पदभार ग्रहण करने से पहले इसे रोड़ा अटकाने वाले मंत्रालय के रूप में देखा जाता था।”
उन्होंने कहा, “लेकिन अब, मेरे मंत्रालय का उद्देश्य बिना किसी नुकसान या विलंब के विकास है।”

मंत्री ने कहा, “यदि किसी परियोजना को न कह दिया गया है, तो वह किसी सूरत में नहीं होगा। लेकिन अगर किसी परियोजना को हां कहा गया है, तो उसमें विलंब नहीं होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का ध्यान पर्यावरण कानूनों का कड़ाई से पालन पर है।

जावड़ेकर ने कहा, “मैंने स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिया है कि एक पेड़ काटने पर तीन पेड़ लगाए जाएं। हम तेजी से वनरोपण का काम करेंगे और एक कार्बन सिंक का निर्माण करेंगे।”

उन्होंने कहा, “24 फीसदी जंगलों में से लगभग 8 फीसदी वन का नाश हुआ है। हम उस भूमि पर वनरोपण का कार्य करेंगे।”

वन तथा पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि मंजूरी के लिए फाइलों की स्थिति को अब ऑनलाइन देखा जा सकता है।