EOS-03: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार के दिन पृथ्वी पर निगरानी करने वाले सैटेलाइट ‘EOS-03’ को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह मिशन असफल हो गया. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इस अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट सुबह 5.43 बजे प्रक्षेपित किया गया. हालांकि सारे स्टेज में रॉकेट ने सही काम किया लेकिन क्रायोजेनिक इंजन के आंकड़े मिलने बंद हो गए और इस मिशन के आंशिक रूप से फेल होने की घोषणा की गई.Also Read - ISRO Recruitment 2021: ISRO में बिना परीक्षा के इन पदों पर मिल सकती है नौकरी, बस करना होगा ये काम, मिलेगी अच्छी सैलरी

GSLV (भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान)-F10 के जरिए EOS-3 की लॉन्चिंग की गई जिसकी यात्रा 18.39 मिनट की रही. लेकिन क्रायोजेनिक इंजन में कुछ खराबी आ गई जिसके कारण उपग्रह के आंकड़े मिलने बंद हो गई. इसके बाद जांच की गई और मिशन को आंशिक रूप से असफल होने की सूचना दी गई. इस दौरान इसरो चीफ डॉ. के सिवन को बताया गया. Also Read - Chandrayaan-2 Latest News: चंद्रयान-2 ने चंद्रमा के कक्ष में करीब 9,000 परिक्रमा पूरी की, ISRO ने जारी किये आंकड़े

बता दें कि सैटेलाइट को ‘आई इन द स्काई’ कहा जा रहा है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया था कि ईओएस की खासियत यह है कि यह चिन्हित किसी बड़े क्षेत्र की निगरानी कर वास्तिविक तस्वीरों को एक निश्चित समय अंतराल के भेजता रहेगा. इसके जरिए प्राकृतिक आपदाओं व किसी तरह की अल्पकालिक घटनाओं पर निगरानी की जा सकेगी. Also Read - ISRO Recruitment 2021: ISRO में इन विभिन्न पदों पर आवेदन करने की आज है अंतिम डेट, 10वीं पास करें अप्लाई, 63000 होगी सैलरी