नई दिल्ली: शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने सफाईकर्मियों को आईएएस अधिकारियों के बराबर वेतन दिए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि यदि सफाई के काम में लगे लोगों को सम्मान देना है तो सरकार को इसके लिए कदम उठाना चाहिए. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की श्रमिक शाखा की एक बैठक में पासवान ने सफाईकर्मियों द्वारा सीवेज और नालियों की हाथ से सफाई को अपराध घोषित किए जाने की भी मांग की. अक्सर देखने में आता है कि नालियों की सफाई करते समय जहरीली गैस की वजह से सफाईकर्मियों की मौत हो जाती है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: चिराग ने की बैठक, हो गया फाइनल, 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी लोजपा

पीएम ने किया ऐतिहासिक काम Also Read - Bihar Assembly Election 2020: फिर से LJP-JDU में ठन गई लड़ाई , चिट्ठी पहुंची PM मोदी तक

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफाई पर जोर देकर और स्वच्छता अभियान में भाग लेने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों तक के हाथ में झाड़ू पकड़ाना सुनिश्चित कर ऐतिहासिक काम किया है. उन्होंने कहा कि अभी भी सफाईकर्मी दयनीय परिस्थितियों में रह रहे हैं. Also Read - नीतीश-नड्डा की मुलाकात, चिराग के बदले सुर-मैं किसी को कोई टेंशन नहीं दे रहा, एनडीए में हूं

लोजपा प्रमुख ने कहा, ‘‘इस तरह की चीजों को खत्म करने की जरूरत है, इसके लिए मैं मांग करता हूं कि यदि हम सफाई कर्मियों को सम्मान देते हैं, यदि हम श्रम के सम्मान में यकीन रखते हैं तो उनका वेतन आईएएस अधिकारियों के वेतन से कम नहीं होना चाहिए.’’

भारत में श्रम का सम्मान नहीं

उन्होंने कहा कि श्रम का सम्मान दूसरे देशों में है लेकिन भारत में नहीं है. पासवान ने अगड़ी जातियों के गरीबों के लिए भी 15 फीसदी आरक्षण की हिमायत करते हुए कहा कि इन लोगों को भी आरक्षण की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने राज्यों में अधिसूचित न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए क्योंकि कई जगह उनका मौजूदा वेतन 3,000 रूपया महीना है जो बहुत कम है.

बैठक में मौजूद रामविलास पासवान के बेटे और लोकसभा सदस्य चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा आरक्षण में किसी तरह का बदलाव करने की इजाजत नहीं देगी. पिछले दिनों एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए थे, उस समय इस मुद्दे पर कुछ ना बोलने के लिए रामविलास पासवान की काफी आलोचना भी हुई थी. हालांकि बाद में पासवान ने एक्ट में किए गए बदलाव को गलत बताया था.

(इनपुट: एजेंसी)